US Venezuela Conflict
US Venezuela Conflict: शनिवार को एक अभूतपूर्व सैन्य घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर भीषण हवाई हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सफल ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय न्याय की जीत बताया। इस खबर ने न केवल दक्षिण अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है, क्योंकि मादुरो लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे।
अमेरिकी समाचार चैनल सीबीएस (CBS) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार तड़के अमेरिकी सेना की सबसे विशिष्ट मिशन इकाई, डेल्टा फोर्स (Delta Force) के जांबाज सदस्यों ने काराकास में एक गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस इकाई के नाम की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सैन्य सूत्रों का कहना है कि यह ऑपरेशन इतनी सटीकता से किया गया कि मादुरो को संभलने का मौका तक नहीं मिला। रिपोर्टों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेने के तुरंत बाद देश से बाहर एक अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
निकोलस मादुरो पर अमेरिका की नजरें काफी समय से थीं। साल 2020 में, अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो और उनके कई करीबी सहयोगियों पर ‘नार्को-आतंकवाद’ (Narco-terrorism) के गंभीर आरोप लगाए थे। उन पर अमेरिका में कोकीन की तस्करी करने वाले कार्टेल्स की मदद करने का आरोप था। अमेरिकी अदालतों में उन पर मुकदमा भी चलाया गया था और उनकी गिरफ्तारी पर करोड़ों डॉलर का इनाम घोषित था। शनिवार का ऑपरेशन इसी कानूनी प्रक्रिया का एक आक्रामक सैन्य विस्तार माना जा रहा है।
डेल्टा फोर्स, जिसे आधिकारिक तौर पर ‘प्रथम स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा’ (1st SFOD-D) कहा जाता है, अमेरिकी सेना की सबसे कुशल और गुप्त इकाइयों में से एक है। इसकी स्थापना 1977 में कर्नल चार्ल्स बेकविथ ने ब्रिटिश विशेष वायु सेवा (SAS) की तर्ज पर की थी। इस यूनिट का मुख्य कार्य आतंकवाद विरोधी गतिविधियों, बंधक बचाव और उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों (High-value targets) को पकड़ना या समाप्त करना है। इससे पहले 2019 में इसी फोर्स ने आईएसआईएस नेता अबू बक्र अल-बगदादी को खत्म करने वाले मिशन को अंजाम दिया था।
डेल्टा फोर्स संयुक्त विशेष अभियान कमान (JSOC) के तहत काम करती है और अक्सर खुफिया एजेंसी CIA के साथ मिलकर अत्यंत संवेदनशील और गुप्त अभियानों को संचालित करती है। इस इकाई का शुरुआती इतिहास 1980 के ईरान बंधक संकट के दौरान हुए एक असफल ऑपरेशन से प्रभावित था, जिसके बाद अमेरिकी विशेष अभियानों को और अधिक आधुनिक और सटीक बनाया गया। आज, इस फोर्स में भर्ती होने वाले सैनिक अमेरिकी रेंजर रेजिमेंट और सेना के अन्य विशेष विभागों से आते हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे कठिन ट्रेनिंग दी जाती है।
काराकास में हुए धमाकों और मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में अनिश्चितता का माहौल है। हवाई हमलों के कारण राजधानी के कई हिस्सों में बिजली गुल है और संचार व्यवस्था ठप हो गई है। रूस और चीन जैसे देशों की प्रतिक्रिया का इंतजार है, जो पारंपरिक रूप से मादुरो सरकार के समर्थक रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम ने लैटिन अमेरिका में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है, और अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वेनेजुएला में सत्ता की कमान अब किसके हाथ में होगी।
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