US-Venezuela
US Venezuela Tension: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच राजनयिक और सैन्य टकराव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वेनेजुएला से जुड़े संसाधनों पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दिया है। रविवार, 21 दिसंबर को अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने आधिकारिक पुष्टि की कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने वेनेजुएला के तट के पास एक और तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई ने दक्षिण अमेरिका में युद्ध जैसी स्थिति और व्यापारिक नाकाबंदी की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से दुनिया को इस ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर की अलसुबह अमेरिकी तटरक्षक बल (US Coast Guard) ने रक्षा विभाग के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के तहत उस तेल टैंकर को सफलतापूर्वक पकड़ा गया जो पहले वेनेजुएला के बंदरगाह पर खड़ा था। गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है; इससे पहले 10 दिसंबर को भी अमेरिकी सेना ने इसी तरह एक टैंकर को जब्त किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए घोषणा की कि वेनेजुएला अब दक्षिण अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी ‘नौसैनिक घेराबंदी’ का सामना कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला आने-जाने वाले उन सभी टैंकरों को निशाना बनाया जाएगा जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक वेनेजुएला अमेरिका का तेल, जमीन और अन्य विवादित संपत्तियां वापस नहीं लौटाता, तब तक यह घेराबंदी और सख्त होती जाएगी।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला की मादुरो सरकार ने अमेरिका के इस कदम की तीव्र निंदा की है। वेनेजुएला ने इसे “खुली लूट” और “आधुनिक युग की समुद्री डकैती” करार दिया है। वेनेजुएला सरकार का मानना है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मुक्त व्यापार की संधियों को ताक पर रखकर एक संप्रभु राष्ट्र की संपत्ति हड़पना चाहता है। सरकार ने विश्व समुदाय से इस ‘तर्कहीन’ कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।
वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर ट्रंप के बयानों को ‘लापरवाह और गंभीर धमकी’ बताया है। वेनेजुएला का कहना है कि समुद्र में व्यापारिक जहाजों को इस तरह रोकना ‘नेविगेशन की आजादी’ के वैश्विक सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है। सरकार ने आरोप लगाया कि अमेरिका वेनेजुएला की जनता की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के लिए सैन्य शक्ति का दुरुपयोग कर रहा है। यह टकराव न केवल दो देशों के बीच है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के नियमों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक हालिया इंटरव्यू में अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अतिरिक्त तेल टैंकरों को जब्त करना जारी रखेगा। व्हाइट हाउस का तर्क है कि वेनेजुएला की मादुरो सरकार अवैध रूप से तेल बेचकर अपनी सत्ता बचाए हुए है, जिसे रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है। दूसरी ओर, वेनेजुएला ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच यह सैन्य नाकाबंदी वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर कर सकती है। यदि यह घेराबंदी लंबे समय तक जारी रहती है, तो ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की संभावना है। वर्तमान में स्थिति यह है कि दक्षिण अमेरिकी तटों पर तनाव चरम पर है और दोनों देशों के बीच संवाद के रास्ते पूरी तरह बंद नजर आ रहे हैं।
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