US Visa News : अमेरिका में वीजा नियमों की सख्ती और इमिग्रेशन नीतियों में बदलाव के बीच विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की वीजा पाबंदियां भारत को निशाना बनाकर लागू नहीं की गई हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय छात्रों, कुशल कर्मचारियों और IT कंपनियों के बीच अमेरिकी वीजा नियमों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
इमिग्रेशन सिस्टम की खामियां दूर करना अमेरिका का उद्देश्य
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन करीब दो दशक से उपेक्षित इमिग्रेशन सिस्टम को दुरुस्त करने और नियमों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, अवैध तरीके से प्रवेश, वीजा नियमों का उल्लंघन और इमिग्रेशन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक देश के खिलाफ नहीं है।
3 लाख से ज्यादा अमेरिकी वीजा रद्द
अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों को सख्त करने का असर वीजा रद्द करने की कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी विदेश विभाग ने 3 लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने कानूनी उल्लंघनों, धोखाधड़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को कार्रवाई की वजह बताया है। वीजा आवेदकों की जांच और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल पर भी अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
H-1B वीजा को लेकर भारतीय IT सेक्टर की चिंता
H-1B वीजा भारतीय तकनीकी पेशेवरों के लिए अमेरिका में रोजगार हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियां विशेष कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि कुछ नियोक्ता इस व्यवस्था का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम लागत वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए करते हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे स्थानीय कर्मचारियों की नौकरियों और वेतन पर असर पड़ सकता है।
आठ बड़ी कंपनियों के PERM कार्यक्रम पर रोक
8 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी प्रशासन ने Microsoft, Adobe, Cognizant, Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Wipro, HCL Technologies और Capgemini जैसी कंपनियों के PERM ग्रीन कार्ड कार्यक्रम पर रोक लगाने की घोषणा की। रॉयटर्स के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य कथित दुरुपयोग और धोखाधड़ी की जांच करना है। PERM यानी Permanent Labor Certification रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इस कार्यक्रम पर रोक से प्रभावित कंपनियों के पात्र विदेशी कर्मचारियों की स्थायी निवास प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी रुबियो का बयान
वीजा विवाद के बीच रुबियो ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा कि समझौते पर लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे अंतिम रूप देने में महीनों के बजाय कुछ सप्ताह लग सकते हैं। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण शब्दों और प्रावधानों पर सहमति बनना अभी बाकी है। यह बयान दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच आया है।
क्या भारतीयों को वीजा नियमों में राहत मिलेगी?
रुबियो के बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी प्रशासन अपनी इमिग्रेशन नीति को व्यापक स्तर पर लागू करने की बात कर रहा है। हालांकि, उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा नियमों में छूट, H-1B प्रक्रिया में बदलाव या ग्रीन कार्ड पर लगी रोक हटाने की घोषणा नहीं की है। इसलिए भारतीय छात्रों, IT पेशेवरों और कंपनियों के लिए तत्काल राहत की पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले समय में अमेरिकी प्रशासन के फैसले और भारत-अमेरिका वार्ता इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण रहेंगे।
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