Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। दोनों नेताओं ने देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को नमन किया। कार्यक्रम में शहीद जवानों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया।
शहीद जवानों के बलिदान को किया याद
पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दिन हमें उन वीर सपूतों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। शहीद जवानों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राष्ट्र सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्र सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन भी है। पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने से लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का समर्पण समाज में शांति, सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने में अहम योगदान देता है।
कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य निभाते हैं जवान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस जवानों की कर्तव्यनिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अनेक चुनौतियों के बीच भी अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटते। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा के लिए पुलिसकर्मी लगातार काम करते हैं। कई बार उन्हें जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनका साहस, अनुशासन और सेवा भावना समाज के लिए महत्वपूर्ण बन जाती है। पुलिस स्मृति दिवस उनके इसी योगदान को सम्मान देने का अवसर है।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ के लिए पुलिस स्मृति दिवस विशेष महत्व रखता है। दशकों तक नक्सलवाद की हिंसा और भय का सामना करने वाले प्रदेश ने शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को दिया। नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके प्रयासों ने प्रदेश में बेहतर परिस्थितियां बनाने में योगदान दिया है।
शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री के अनुसार, सुरक्षा बलों के त्याग और समर्पण को याद रखना जरूरी है, क्योंकि शांति और विकास की राह में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। पुलिसकर्मियों के बलिदान ने नागरिकों की सुरक्षा और प्रदेश की स्थिरता के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। पुलिस स्मृति दिवस समाज को यह संदेश देता है कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले जवानों का सम्मान और उनके आदर्शों का अनुसरण आवश्यक है। कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया गया।
शहीदों की स्मृति से मिलेगी नई पीढ़ी को प्रेरणा
माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम पुलिस जवानों के साहस और बलिदान को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद किया। पुलिस स्मृति दिवस का उद्देश्य केवल अतीत के बलिदानों का स्मरण करना नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, अनुशासन और देशभक्ति की भावना से प्रेरित करना भी है। शहीद जवानों की सेवाएं और उनका समर्पण सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
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