US Winter Storm 2026
US Winter Storm 2026: अमेरिका का उत्तर-पूर्वी हिस्सा इस समय एक शक्तिशाली और विनाशकारी विंटर स्टॉर्म (बर्फीले तूफान) की चपेट में है। सोमवार से शुरू हुए इस बर्फीले तांडव ने सामान्य जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। भारी बर्फबारी और हड्डियों को कंपा देने वाली तेज हवाओं के कारण सड़कें सफेद चादर से ढक गई हैं, जिससे आवाजाही लगभग नामुमकिन हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कई प्रमुख शहरों में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू कर दी है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल यातायात को ठप किया है, बल्कि संचार और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
इस बर्फीले तूफान का सबसे भयावह असर विमानन क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। ‘फ्लाइटअवेयर’ के आंकड़ों के मुताबिक, 21 से 24 फरवरी के बीच अब तक लगभग 10,000 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। अकेले सोमवार को ही 5,000 से अधिक फ्लाइट्स निरस्त हुईं, जबकि मंगलवार के लिए भी 1,300 उड़ानों को पहले ही रद्द कर दिया गया है। न्यूयॉर्क के जेएफके (JFK) और ला गार्डिया जैसे व्यस्ततम हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और निराशा का माहौल है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि मौसम साफ होने तक परिचालन सामान्य होना संभव नहीं है।
भीषण बर्फबारी और गिरते पेड़ों के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे पूर्वी तट पर स्थित लगभग 5.7 लाख घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बत्ती पूरी तरह गुल है। मैसाचुसेट्स और न्यू जर्सी इस बिजली संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बनकर उभरे हैं। राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने नेशनल गार्ड को मोर्चे पर तैनात किया है। बिजली विभाग की टीमें शून्य से नीचे के तापमान में भी बुनियादी ढांचे की मरम्मत और आपूर्ति बहाल करने की कोशिशों में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित सेंट्रल पार्क में सोमवार सुबह तक 15 इंच से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई, जो पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, न्यू जर्सी और लॉन्ग आइलैंड के ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी विकट है, जहाँ बर्फ की परत दो फीट तक पहुँच गई है। सड़कों पर दृश्यता (Visibility) शून्य होने के कारण स्थानीय प्रशासन ने सख्त हिदायत जारी की है कि लोग घरों के भीतर ही रहें। बर्फ हटाने वाली मशीनें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन निरंतर गिरती बर्फ के आगे ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित राज्यों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के निर्देश दिए गए हैं। यहाँ तक कि न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय को भी सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए बंद रखना पड़ा है। रेल और बस सेवाओं के अनिश्चितकाल के लिए निलंबन ने मध्यम वर्गीय कामकाजी लोगों की परेशानियों को दोगुना कर दिया है। पूरा क्षेत्र फिलहाल एक “बर्फीले लॉकडाउन” की स्थिति में नजर आ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले कुछ दिनों के लिए और भी डरावनी चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि हवाओं की गति 35 से 60 मील प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जो न केवल ठंड बढ़ाएगी बल्कि पेड़ और होर्डिंग्स गिरने का खतरा भी पैदा करेगी। इंटरस्टेट 95 कॉरिडोर के आसपास रहने वाले नागरिकों को विशेष रूप से सचेत किया गया है। अगले 48 से 72 घंटों तक कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे फिलहाल राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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