VD Satheesan Oath
VD Satheesan Oath: केरलम की सियासत में आज एक ऐतिहासिक और दूरगामी अध्याय की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस के अत्यंत वरिष्ठ और लोकप्रिय नेता वीडी सतीशन ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। उनके साथ 20 सदस्यीय एक मजबूत मंत्रिमंडल ने भी जिम्मेदारी संभाली है। राजभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान गवर्नर आर.वी. अर्लेकर ने मुख्यमंत्री सतीशन और उनके कैबिनेट सहयोगियों को पद की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में सत्ता का हस्तांतरण आधिकारिक रूप से संपन्न हो गया है।
केरलम विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) ने शानदार और एकतरफा जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की है। इस पूरे चुनाव अभियान में वीडी सतीशन को पार्टी और गठबंधन की जीत का मुख्य रणनीतिकार और सूत्रधार माना गया। हालांकि, सरकार गठन और मुख्यमंत्री के नाम को लेकर नई दिल्ली में नौ दिनों तक मैराथन विचार-विमर्श का दौर चला। पार्टी के भीतर केसी वेणुगोपाल जैसे कद्दावर नेताओं की तरफ से मिलने वाली कड़ी चुनौती और आलाकमान की अलग प्राथमिकताओं के बावजूद, सतीशन को जनता तथा सहयोगी दलों का भारी समर्थन मिला। अंततः कांग्रेस आलाकमान ने उनके नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई।
सतीशन के नेतृत्व वाले 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में गठबंधन के पुराने साथियों के सम्मान और नए चेहरों के जोश के बीच एक बेहतरीन संतुलन बिठाने का प्रयास किया गया है। नए कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कांग्रेस कोटे से कुल 11 मंत्री शामिल किए गए हैं। इनमें रमेश चेन्नीथला, के. मुरलीधरन और पीसी विष्णुनाथ जैसे अनुभवी और दिग्गज राजनेताओं के नाम शामिल हैं। वहीं, मोर्चे के सबसे प्रमुख सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को सम्मानजनक स्थान देते हुए 5 मंत्री पद सौंपे गए हैं, जिनमें पीके कुन्हालीकुट्टी और केएम शाजी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गठबंधन के अन्य सहयोगियों जैसे केरलम कांग्रेस (जोसेफ), आरएसपी, केरल कांग्रेस और सीएमपी को भी एक-एक मंत्री पद देकर संतुष्ट किया गया है। इस पूरे कैबिनेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 14 नए चेहरों को जगह मिली है, जो शासन में नई सोच का संचार करेंगे।
हालांकि वीडी सतीशन के पास पहले सरकार चलाने का कोई बड़ा प्रशासनिक अनुभव नहीं है, लेकिन उन्होंने सत्ता संभालते ही अपने कड़े और क्रांतिकारी फैसलों से सबको चौंका दिया है। राज्य की नाजुक और खराब आर्थिक स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत कड़े मितव्ययिता उपायों की घोषणा कर दी है। सतीशन ने मंत्रियों के लिए नई लग्जरी गाड़ियां खरीदने की दशकों पुरानी परंपरा को सिरे से खारिज कर दिया है और पिछली सरकार के वाहनों का ही उपयोग करने का साहसिक निर्णय लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य में लंबे समय से चली आ रही ‘VIP काफिला संस्कृति’ को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे और उनके मंत्री जनता को परेशान किए बिना केवल एक पायलट और एक एस्कॉर्ट कार के साथ ही यात्रा करेंगे।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित इस भव्य और ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता के रूप में भी देखा गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा सदस्य राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से शिरकत करने पहुंचे। इनके अलावा पड़ोसी राज्यों से तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित देश भर के कई दिग्गज विपक्षी नेता इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। अब मुख्यमंत्री सतीशन के सामने राज्य की चरमराती वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने और अपने इस बहुदलीय गठबंधन को एकजुट रखकर सुशासन देने की एक बड़ी और गंभीर चुनौती है।
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