Sushasan Tihar
Sushasan Tihar : रायपुर संभाग के समोदा हाई स्कूल मैदान में शुक्रवार, 15 मई 2026 को आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया जब मंच से प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधे सवाल उठाए गए। इस विशेष जनसमस्या निवारण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना और प्रशासनिक कामकाज को लेकर आम जनता की सीधी शिकायतें सुनना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी-अपनी बुनियादी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही जनसुनवाई की शुरुआत हुई, मंच पर सबसे ज्यादा आक्रोश तहसील कार्यालय की लचर और सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर फूटा, जिससे पूरा माहौल गरमा गया।
लंबित फाइलों का अंबार: कार्यक्रम में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने समोदा तहसील कार्यालय के अधिकारियों पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। जनता का कहना था कि वहां राजस्व संबंधी जरूरी मामलों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने खुले तौर पर शिकायत की कि जमीन का नामांतरण, सीमांकन, और आपसी बंटवारा समेत कई महत्वपूर्ण केस महीनों से बिना वजह लंबित पड़े हुए हैं। लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए यह भी आरोप लगाया कि दफ्तर में अपना जायज काम कराने के नाम पर खुलेआम पैसों की मांग की जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक, बिना अवैध लेन-देन और रिश्वत दिए कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती है, जिससे गरीब और किसान वर्ग के लोग दफ्तरों के चक्कर काटने को पूरी तरह मजबूर हैं।
जनता की इन गंभीर शिकायतों को सुनकर रायपुर के नवनिर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने भरे मंच से कड़े लहजे में पूछा, “यहां के नायब तहसीलदार कौन हैं जी?” इसके तुरंत बाद समोदा में पदस्थ नायब तहसीलदार गजानंद सिदार सहमे हुए मंच पर आए। बृजमोहन अग्रवाल ने तीखे तेवर दिखाते हुए उनसे कहा, “आपका अभिनंदन करें कि क्या करें बताओ… सबसे ज्यादा शिकायत आपकी ही है। कितना पैसा लेते हो, जो लोगों को बोलते हो… क्या बोलते हो लोगों से? इसकी सबसे ज्यादा शिकायत है। कितना पैसा दिए हो सांसद जी को… कितना पैसा दिए हो?” इस पर नायब तहसीलदार सिदार ने हाथ के इशारे से पैसों के लेन-देन से साफ इनकार किया। इसके बाद सांसद ने हाथ में आवेदन लहराते हुए कहा कि मेरे पास ये लिखित शिकायतें हैं, इनका निराकरण समय पर क्यों नहीं हो रहा है, मुझे इसका जवाब चाहिए।
केसों की समीक्षा के आदेश: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले को आड़े हाथों लेते हुए अतिरिक्त कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर और एसडीएम अभिलाषा पैकरा को तत्काल कड़े निर्देश जारी किए।
पेंडिंग फाइलों का रिव्यू: उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि नायब तहसीलदार के पास जितने भी राजस्व मामले पेंडिंग हैं, उन सभी का बारीकी से रिव्यू (समीक्षा) किया जाए और उनका जल्द से जल्द पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित हो।
भविष्य के लिए सख्त चेतावनी: सांसद ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में मेरे पास समोदा तहसील की ऐसी शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर 3 दिनों के भीतर लिखित रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया और कहा कि गड़बड़ी मिलने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और जनसुनवाई के दौरान वहां मौजूद हजारों ग्रामीणों ने सांसद द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों को लगाई गई इस फटकार का करतल ध्वनि से स्वागत और पुरजोर समर्थन किया। कार्यक्रम में आए कई पीड़ित ग्रामीणों का कहना था कि वे पिछले कई महीनों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट-काटकर पूरी तरह थक चुके थे, लेकिन उनकी जायज समस्याओं का भी कोई समाधान नहीं हो पा रहा था। ऐसे में पहली बार किसी बड़े जनप्रतिनिधि ने जनता के दर्द को समझा है और मंच से खुलकर लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें बेनकाब किया है। इस सुशासन तिहार कार्यक्रम में तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, लेकिन पूरे इलाके में सबसे ज्यादा चर्चा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस कड़े तेवर की ही हो रही है।
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