Venezuela Crisis
Venezuela Crisis: वेनेजुएला के नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम के बीच विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने अपनी चुप्पी तोड़ी है। फॉक्स न्यूज को दिए एक विशेष इंटरव्यू में मचाडो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी आखिरी बातचीत 10 अक्टूबर 2025 को हुई थी। यह वही दिन था जब उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई थी। मचाडो ने उन अटकलों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि वे अमेरिकी कार्रवाई के दौरान ट्रंप के सीधे संपर्क में थीं। उन्होंने साफ किया कि पिछले करीब तीन महीनों से उनके और ट्रंप के बीच कोई संवाद नहीं हुआ है।
निकोलस मादुरो की सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी मानी जाने वाली मचाडो वर्तमान में वेनेजुएला में मौजूद नहीं हैं। वह पिछले महीने नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार करने के लिए नॉर्वे गई थीं और सुरक्षा कारणों से तब से स्वदेश नहीं लौटी हैं। जब उनसे उनकी वापसी की योजना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा, “मैं जल्द से जल्द अपने घर और अपनी जनता के पास वापस जाने की योजना बना रही हूं।” हालांकि, वेनेजुएला की मौजूदा अस्थिर स्थिति को देखते हुए उनकी वापसी की राह इतनी आसान नहीं दिख रही है।
मारिया मचाडो ने 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष बलों द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी का समर्थन किया है। उन्होंने इस कदम को मानवता, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा की जीत बताया। इस बीच, वेनेजुएला के भीतर प्रशासनिक बदलाव भी शुरू हो गए हैं। सोमवार (5 जनवरी 2026) को उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला रुख अपनाते हुए मचाडो के साथ काम करने से इनकार कर दिया है। ट्रंप का तर्क है कि मचाडो को वेनेजुएला के भीतर अपेक्षित समर्थन और सम्मान प्राप्त नहीं है, जो भविष्य के नेतृत्व के लिए आवश्यक है।
अमेरिकी संघीय अदालत में पेश किए गए निकोलस मादुरो ने अपने ऊपर लगे ड्रग तस्करी और भ्रष्टाचार के सभी गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। 5 जनवरी को सुनवाई के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी ने खुद को निर्दोष बताते हुए जज के सामने दावा किया कि वे अभी भी वेनेजुएला के संवैधानिक राष्ट्रपति हैं और उनकी गिरफ्तारी अवैध है। वहीं, मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने अपने पिता का बचाव करते हुए कहा कि आने वाला वक्त गद्दारों की पहचान करेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और भीतरघात की संभावनाओं के प्रति आगाह किया।
इस पूरी राजनीतिक उठापटक के पीछे वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को एक मुख्य कारण माना जा रहा है। वेनेजुएला के पास 303 अरब बैरल का दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, जो वैश्विक तेल का लगभग 20 प्रतिशत है। कराकस में सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए कि अब अमेरिका वेनेजुएला के संसाधनों का प्रबंधन करेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला के जर्जर तेल बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी, जिससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा बल्कि अमेरिका के लिए भी राजस्व पैदा होगा।
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