Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में बुधवार, 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने देश में भारी तबाही मचाई है। राजधानी काराकस समेत देश के कई बड़े शहरों में स्थित हजारों इमारतें पलक झपकते ही मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने न केवल आवासीय परिसरों को बल्कि देश के प्रमुख बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। सड़कों पर दरारें पड़ गई हैं और बिजली व संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं, लेकिन व्यापक क्षति के कारण राहत कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक संदेश और भारत की तत्परता
इस कठिन समय में भारत ने वेनेजुएला के प्रति अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत की ओर से, मैं वेनेजुएला सरकार और वहां के लोगों, विशेषकर उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल घड़ी में सभी प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं।” प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत इस आपदा की घड़ी में वेनेजुएला को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत का यह आश्वासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेनेजुएला को बड़ी राहत प्रदान कर रहा है।

कार्यवाहक राष्ट्रपति ने किया आपातकाल का ऐलान
वेनेजुएला की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में तत्काल प्रभाव से आपातकाल (State of Emergency) की घोषणा कर दी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने आपदा से हुए जान-माल के भारी नुकसान की पुष्टि की है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अपनों को खोया है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर मृतकों की सटीक संख्या अभी तक जारी नहीं की गई है, लेकिन सरकारी मशीनरी को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों में जुटी सरकार
भूकंप के बाद पूरे वेनेजुएला में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है। राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं ताकि बेघर हुए लोगों को भोजन, चिकित्सा और आश्रय उपलब्ध कराया जा सके। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी मदद मांगी है। प्रधानमंत्री मोदी का मानवीय सहायता का प्रस्ताव वेनेजुएला के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकता है। यह आपदा न केवल वेनेजुएला के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय को मानवता के नाते एकजुट होकर सहायता करने का आह्वान भी करती है।










