Ravana Dahan Bihar: बिहार में धूमधाम से मना विजयादशमी, बारिश के बीच भी रावण दहन में दिखा जोश

Ravana Dahan Bihar: देशभर की तरह बिहार में भी दशहरा (विजयादशमी) का पर्व पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया गया। भले ही कई जिलों में तेज बारिश ने कार्यक्रमों में खलल डालने की कोशिश की, लेकिन लोगों की श्रद्धा और जोश के आगे मौसम भी फीका पड़ गया। रावण दहन के ऐतिहासिक आयोजनों में इस बार भी लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली। पटना के गांधी मैदान में 80 फीट के रावण का दहन राजधानी पटना के गांधी मैदान में बिहार का सबसे बड़ा रावण दहन कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। हालांकि, रामलीला के मंचन से पहले तेज बारिश के कारण रावण का सिर टूट गया था, इसके बावजूद आयोजन में कोई कमी नहीं आई। बिना सिर वाले रावण का ही प्रतीकात्मक वध किया गया। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और भीड़ की उत्साहपूर्ण मौजूदगी ने दशहरा के रंग को और गहरा कर दिया। बारिश से बदला कई जिलों का शेड्यूल छपरा और बक्सर जैसे जिलों में मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी को देखते हुए आयोजकों ने समय से पहले रावण दहन कर दिया। छपरा में 55 फीट ऊंचे रावण का वध किया गया, जहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बक्सर में भी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। गयाजी और समस्तीपुर में भी भव्य आयोजन धार्मिक नगरी गया में परंपरागत ढंग से रावण दहन हुआ। वहीं समस्तीपुर के हाउसिंग बोर्ड मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में विशेष आकर्षण रहा 70 फीट का रावण, 45 फीट का मेघनाथ और 40 फीट का कुंभकरण। तीनों पुतलों का क्रमशः दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। औरंगाबाद में भी दिखी भक्ति और भव्यता औरंगाबाद के गांधी मैदान में 55 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। बारिश की हल्की फुहारों के बावजूद हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और आतिशबाज़ियों के बीच रावण दहन का दृश्य देखने को मिला।  बारिश के बावजूद नहीं डिगी श्रद्धा बिहार के कोने-कोने में दशहरा 2025 का पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। मौसम की चुनौती के बावजूद बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन हर जिले में संपन्न हुआ। लोगों की भागीदारी, प्रशासन की सजगता और सांस्कृतिक उत्सवों ने यह साबित कर दिया कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है। Read More: BJP attacks Rahul Gandhi: राहुल गांधी के कोलंबिया बयान पर बीजेपी का हमला: ‘देश के अपमान का मौका नहीं छोड़ते’

Ravana Dahan Bihar: देशभर की तरह बिहार में भी दशहरा (विजयादशमी) का पर्व पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया गया। भले ही कई जिलों में तेज बारिश ने कार्यक्रमों में खलल डालने की कोशिश की, लेकिन लोगों की श्रद्धा और जोश के आगे मौसम भी फीका पड़ गया। रावण दहन के ऐतिहासिक आयोजनों में इस बार भी लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली।

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पटना के गांधी मैदान में 80 फीट के रावण का दहन

राजधानी पटना के गांधी मैदान में बिहार का सबसे बड़ा रावण दहन कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। हालांकि, रामलीला के मंचन से पहले तेज बारिश के कारण रावण का सिर टूट गया था, इसके बावजूद आयोजन में कोई कमी नहीं आई। बिना सिर वाले रावण का ही प्रतीकात्मक वध किया गया।

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कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और भीड़ की उत्साहपूर्ण मौजूदगी ने दशहरा के रंग को और गहरा कर दिया।

बारिश से बदला कई जिलों का शेड्यूल

छपरा और बक्सर जैसे जिलों में मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी को देखते हुए आयोजकों ने समय से पहले रावण दहन कर दिया। छपरा में 55 फीट ऊंचे रावण का वध किया गया, जहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बक्सर में भी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ।

गयाजी और समस्तीपुर में भी भव्य आयोजन

धार्मिक नगरी गया में परंपरागत ढंग से रावण दहन हुआ। वहीं समस्तीपुर के हाउसिंग बोर्ड मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में विशेष आकर्षण रहा 70 फीट का रावण, 45 फीट का मेघनाथ और 40 फीट का कुंभकरण। तीनों पुतलों का क्रमशः दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

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औरंगाबाद में भी दिखी भक्ति और भव्यता

औरंगाबाद के गांधी मैदान में 55 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। बारिश की हल्की फुहारों के बावजूद हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और आतिशबाज़ियों के बीच रावण दहन का दृश्य देखने को मिला।

 बारिश के बावजूद नहीं डिगी श्रद्धा

बिहार के कोने-कोने में दशहरा 2025 का पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। मौसम की चुनौती के बावजूद बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन हर जिले में संपन्न हुआ। लोगों की भागीदारी, प्रशासन की सजगता और सांस्कृतिक उत्सवों ने यह साबित कर दिया कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है।

Read More: BJP attacks Rahul Gandhi: राहुल गांधी के कोलंबिया बयान पर बीजेपी का हमला: ‘देश के अपमान का मौका नहीं छोड़ते’

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