Vladimir Putin India Visit
Vladimir Putin India Visit: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (4 दिसंबर) को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से कुछ घंटे पहले केंद्र की मोदी सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार खुद को ‘असुरक्षित’ महसूस करती है, इसलिए वह विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को भारत दौरे के दौरान विपक्षी नेताओं से मिलने से रोक रही है। पुतिन गुरुवार शाम को आधिकारिक दौरे पर भारत आने वाले हैं।
संसद परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक स्थापित परंपरा रही है कि जब कोई विशिष्ट विदेशी मेहमान भारत आता है, तो वह देश के नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात करता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस समय इस प्रोटोकॉल का पालन किया जाता था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि आजकल यह चलन बदल गया है।
राहुल गांधी ने कहा, “आमतौर पर यह परंपरा रही है कि जो विदेशी मेहमान भारत आते हैं उनकी नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात होती है। यह अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय होता था और मनमोहन सिंह जी के समय भी होता था।” उन्होंने आगे कहा, “आजकल यह होता है कि जब बाहर से कोई आता है या मैं कहीं बाहर जाता हूं तो सरकार सुझाव देती है कि बाहर से आने वाले अतिथि या उनके (राहुल के) बाहर जाने पर वहां के लोग नेता प्रतिपक्ष से नहीं मिलें।”
कांग्रेस नेता ने सरकार के इस कदम के पीछे ‘असुरक्षा की भावना’ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का प्रतिनिधित्व केवल सरकार ही नहीं करती है, बल्कि विपक्ष भी करता है। उनका कहना था कि सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग विदेशी प्रतिनिधियों से मिलें और अपनी राय व्यक्त करें।
उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व हम भी करते हैं, सिर्फ सरकार नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें।” उन्होंने दावा किया कि “यह परंपरा है, लेकिन मोदी जी इसका पालन नहीं कर रहे हैं, विदेश मंत्रालय पालन नहीं कर रहा है। यह उनकी असुरक्षा की भावना है।”
राहुल गांधी के इन बयानों का समर्थन करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सरकार प्रोटोकॉल तोड़ रही है और यह सब असुरक्षा का भाव रखने की वजह से हो रहा है।
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “एक प्रोटोकॉल होता है। आने वाले सभी बड़े लोग नेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं। सरकार प्रोटोकॉल को तोड़ रही है।” उन्होंने सरकार की नीतियों को इसी असुरक्षा के भाव पर आधारित बताया, जिसके तहत वह नहीं चाहती कि कोई दूसरी आवाज़ उठे या किसी और की राय सुनी जाए।
एक सवाल के जवाब में प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि ‘भगवान जाने, उन्हें किस बात का डर है’। उन्होंने ज़ोर दिया कि लोकतंत्र में चर्चा होनी चाहिए और हर किसी को अपनी राय रखने का हक़ होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार असुरक्षित महसूस करती है और इसी का नतीजा इस तरह के फैसले हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे कहा कि इस तरह के फैसलों से दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि खराब हो रही है। उनके अनुसार, सरकार को लोकतंत्र में स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।रूसी राष्ट्रपति पुतिन के आगमन से पहले, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर परंपरा तोड़ने और विपक्ष को विदेशी मेहमानों से दूर रखने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने सरकार की असुरक्षा की भावना का परिणाम बताया है।
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