Banke Bihari Temple : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलने जा रही है। वर्ष में केवल एक बार मध्यरात्रि के बाद होने वाली बांकेबिहारी जी की मंगला आरती का पहली बार सीधा प्रसारण किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाइव टेलीकास्ट के जरिए देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु घर बैठे इस दुर्लभ आरती के दर्शन कर सकेंगे।
मध्यरात्रि के बाद होगी विशेष मंगला आरती
बांकेबिहारी मंदिर में सामान्य दिनों में मंगला आरती आमतौर पर सुबह होने के बाद संपन्न होती है। हालांकि, जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के कारण समय में बड़ा बदलाव होता है। मध्यरात्रि में महाभिषेक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात में ही ठाकुरजी के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार रात 1:45 बजे दर्शन शुरू होंगे और इसके 10 मिनट बाद यानी 1:55 बजे मंगला आरती संपन्न होगी।
वर्ष में सिर्फ एक बार मिलता है यह दुर्लभ अवसर
बांकेबिहारी मंदिर की जन्माष्टमी वाली मंगला आरती का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है। यह आरती वर्ष में केवल एक बार आयोजित होती है। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस विशेष दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचते हैं। कई भक्त आरती से काफी पहले मंदिर के आसपास जुटना शुरू कर देते हैं।
सिर्फ 600 श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में प्रवेश को सीमित रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार के अनुसार, मंगला आरती के दौरान केवल 600 श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
विशेष पास के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश
व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए इस बार विशेष प्रवेश पास की व्यवस्था की गई है। जिन श्रद्धालुओं के पास निर्धारित पास होगा, वही मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। खास बात यह है कि बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी भी बिना पास के मंगला आरती में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराना है।
घर बैठे मिलेंगे बांकेबिहारी जी के दर्शन
मंदिर परिसर में सीमित संख्या में भक्तों को प्रवेश दिए जाने के कारण बाकी श्रद्धालुओं के लिए लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है। मंगला आरती का सीधा प्रसारण होने से दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले भक्त ऑनलाइन इसके दर्शन कर सकेंगे। इससे उन श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा जो भारी भीड़ या सीमित प्रवेश के कारण मंदिर तक नहीं पहुंच पाएंगे।
सुबह पांच से छह बजे तक होंगे विशेष दर्शन
मंगला आरती के बाद भी श्रद्धालुओं के लिए ठाकुरजी के विशेष दर्शन का अवसर रहेगा। समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार के अनुसार, सुबह 5 बजे से 6 बजे तक विशेष दर्शन के लिए कपाट खुले रहेंगे। इसके बाद मंदिर की व्यवस्थाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएंगी। जन्माष्टमी के दौरान वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है।
वृंदावन के अन्य मंदिरों में भी तैयारियां पूरी
बांकेबिहारी मंदिर के अलावा वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस्कॉन मंदिर, चंद्रोदय मंदिर, रंगजी मंदिर और प्रेम मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। ठा. राधारमण मंदिर, शाहजी मंदिर और ठा. राधा दामोदर मंदिर में अष्टमी तिथि के अवसर पर 4 सितंबर को दिन में ठाकुरजी का जन्माभिषेक आयोजित किया जाएगा।
गोकुल में निभाई जाएगी प्राचीन परंपरा
गोकुल में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। वहां के पुजारी मथुरा दास के मुताबिक, प्राचीन परंपरा के अनुसार 3 सितंबर की शाम 7 बजे छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 4 सितंबर को अन्य मंदिरों की तरह मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक संपन्न होगा।
नन्दोत्सव के साथ होगा जन्मोत्सव का समापन
गोकुल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अगले दिन नन्दोत्सव का आयोजन किया जाएगा। पुजारी के अनुसार, 5 सितंबर की सुबह 10 बजे रास चबूतरा पर नन्दोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में पारंपरिक उत्सव में शामिल होंगे। इस तरह वृंदावन और गोकुल में जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक अनुष्ठानों, विशेष दर्शन और पारंपरिक आयोजनों के साथ मनाया जाएगा।
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