Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसम संबंधी दबाव और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। उत्तर-पश्चिमी राज्यों से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत करीब 15 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। अगले 14 से 15 घंटों के दौरान कई राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान है।

15 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार रविवार 9 अगस्त को उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।

दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में भी अगले 24 घंटे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों में दिल्ली में अच्छी बारिश हुई है, जिसके कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है।
अगस्त की बारिश ने बनाया नया रिकॉर्ड
दिल्ली में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश के कारण अगस्त का बारिश कोटा भी तेजी से पूरा होता नजर आ रहा है। अब तक राजधानी में 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि 2011 के बाद अगस्त के महीने में दिल्ली में इस अवधि के दौरान इतनी अच्छी बारिश देखने को मिली है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और हवाएं
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में तेज बारिश के साथ 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मेरठ, हापुड़, नोएडा, मथुरा, आगरा, बुलंदशहर, अलीगढ़, झांसी, इटावा, फिरोजाबाद, कानपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर, बलिया, बांदा, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया में बारिश का अलर्ट बताया गया है।

बिहार में भी कई जिलों में बारिश की संभावना
बिहार में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, रोहतास, नवादा, बांका, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, बक्सर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय, सहरसा और सुपौल समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और खराब मौसम का असर भी देखने को मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर रोक
जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। अमरनाथ यात्रा के रास्ते में भूस्खलन होने के बाद यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है और रास्तों की मरम्मत का काम शुरू किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 अगस्त से अगले आदेश तक यात्रा पर रोक जारी रहने की जानकारी दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान
जम्मू-कश्मीर के पुंछ, मीरपुर, कुलगाम, जम्मू, कठुआ, शोपियां, डोडा, राजौरी, किश्तवाड़ और अनंतनाग में रविवार को भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
उत्तराखंड में नदियां उफान पर
उत्तराखंड में भी बारिश का दौर लगातार जारी है। गंगा समेत करीब छह नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ बताया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और पौड़ी गढ़वाल में रविवार को मौसम खराब रहने की संभावना है।
हिमाचल के कई जिलों में भी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। शिमला, मंडी, चंबा, कुल्लू, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में हवाओं की गति बढ़ सकती है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
आखिर क्यों हो रही है लगातार झमाझम बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गंगा के किनारे पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत सहित कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।
अगस्त के दूसरे सप्ताह में भी जारी रह सकता है दौर
मौसम प्रणालियों की सक्रियता को देखते हुए बारिश का यह सिलसिला अगस्त के दूसरे सप्ताह में भी जारी रहने की संभावना है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां तेज बारिश और हवाओं से लोगों को परेशानी हो सकती है, वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा अधिक बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी होगा।
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