West Bengal Border
West Bengal Border: कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू होते ही अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों में अफरा-तफरी फैल गई है। उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट के बिठारी हकीमपुर ग्राम पंचायत स्थित हकीमपुर चेकपोस्ट पर पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में लोग बांग्लादेश लौटने की होड़ में जुटे हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो दो, चार या पांच वर्ष पहले भारत में रोज़गार की तलाश में चोरी-छिपे दाखिल हुए थे।
इन घुसपैठियों का कहना है कि वे अलग-अलग समय पर बिना वैध दस्तावेज़ के भारत में घुसे थे। कई लोगों ने बीएसएफ को चकमा देकर सीमा पार की थी, जबकि कुछ इसके लिए दलालों की मदद लेने का दावा करते हैं। भारत में प्रवेश करने के बाद ये लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों की झुग्गियों और बस्तियों में मजदूरी, घरेलू काम और अन्य छोटे-मोटे कार्य करते रहे। लेकिन जैसे ही SIR शुरू हुआ, ये सभी अपने-अपने ठिकानों से निकलकर झुंड बनाकर बांग्लादेश की सीमा की ओर बढ़ने लगे।
हकीमपुर बॉर्डर पर मौजूद अवैध बांग्लादेशियों का कहना है कि उनके पास भारत में रहने के लिए कोई भी आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं है। पहचान-पत्र, किराये का प्रमाण या वैध वीज़ा न होने के चलते उन्हें डर है कि SIR के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं और बाद में कार्रवाई भी हो सकती है। इस वजह से वे बिना किसी जोखिम के वापस अपने देश बांग्लादेश लौटने को मजबूर हैं।
बीएसएफ सूत्रों ने अनौपचारिक तौर पर बताया कि पकड़े गए या सीमा पर लौटने आए इन लोगों को सीधे बांग्लादेश भेजने के बजाय पहले बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) के साथ समन्वय किया जा रहा है। बीएसएफ, बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा दिखाए गए दस्तावेज़ों को BGB के पास भेजती है, जहां उनकी सत्यता की जांच होती है। BGB की पुष्टि के बाद ही उन्हें औपचारिक रूप से बांग्लादेश को हैंडओवर किया जाता है। यह प्रक्रिया सुरक्षा और कानूनी औपचारिकताओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बीएसएफ के जवान ट्रकों और गाड़ियों में बैठाकर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा की ओर ले जा रहे हैं। कई लोगों को निकटवर्ती कैंपों में ले जाकर अस्थायी रूप से रोका जा रहा है, जहां से उनकी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें आगे भेजा जाता है। इनमें से कई लोग सोमवार रात से ही सीमा चौकी पर इंतज़ार कर रहे थे, जबकि कई मंगलवार सुबह पहुंचे।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार SIR के शुरू होने के बाद से लौटने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे वोटर लिस्ट की जांच आगे बढ़ेगी, भारत में बिना दस्तावेज़ के रह रहे और भी लोग अपने आप बांग्लादेश की ओर पलायन कर सकते हैं। इस अचानक बढ़े प्रवाह को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं।
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