Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण के लिए बिगुल बज चुका है और मतदान में अब महज कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, राज्य के विभिन्न हिस्सों से राजनीतिक हिंसा और आपसी झड़पों की खबरें तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में रविवार देर रात दक्षिण 24 परगना जिले में एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने एक बार फिर बंगाल की चुनावी राजनीति में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घर लौटते समय घात लगाकर किया गया हमला
घटना रविवार रात करीब 11 बजे की है, जब गोसाबा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शंभूनगर ग्राम पंचायत के भूपेंद्रपुर इलाके में शांति छाई हुई थी। टीएमसी के सक्रिय कार्यकर्ता दिव्येंदु गायेन पार्टी की एक महत्वपूर्ण चुनावी बैठक समाप्त कर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों ने दिव्येंदु को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सीधे उनके दाहिने जांघ में जा लगी, जिसके बाद वे लहूलुहान होकर सड़क किनारे गिर पड़े। हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे।
कोलकाता में गंभीर हालत में चल रहा है इलाज
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दिव्येंदु को खून से लथपथ हालत में पाया और बिना देरी किए उन्हें कैनिंग उप-मंडलीय अस्पताल ले गए। अस्पताल के डॉक्टरों ने गोली निकालने के बाद प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन घाव गहरा होने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। बेहतर चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी के लिए उन्हें देर रात ही कोलकाता के चित्तरंजन नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है।
टीएमसी ने भाजपा पर मढ़ा राजनीतिक साजिश का आरोप
इस हमले के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कड़े शब्दों में इस हमले की निंदा की है और इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ होने का दावा किया है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि भाजपा चुनाव से पहले उनके सक्रिय कार्यकर्ताओं को डराने और हिंसा का माहौल पैदा करने की साजिश रच रही है। दूसरी ओर, भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने इन आरोपों पर फिलहाल चुप्पी साधी हुई है और किसी भी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।
चुनावी सभा की तैयारी के दौरान हुई यह हिंसक वारदात
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिव्येंदु गायेन इलाके के काफी प्रभावशाली और सक्रिय कार्यकर्ता माने जाते हैं। आगामी 22 अप्रैल को गोसाबा में टीएमसी उम्मीदवार सुब्रता मंडल के समर्थन में एक बड़ी राजनीतिक जनसभा का आयोजन होना तय है। दिव्येंदु रविवार शाम को इसी सभा की तैयारियों और रणनीति को लेकर पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में शामिल हुए थे। पार्टी का मानना है कि उनकी सक्रियता से घबराकर ही विरोधियों ने उन पर यह हमला करवाया है ताकि चुनावी तैयारियों में खलल डाला जा सके।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, जांच जारी
वारदात के बाद से ही गोसाबा और आसपास के गांवों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। किसी भी संभावित जवाबी हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। हमलावरों की पहचान के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे कोई पुराना व्यक्तिगत विवाद था या यह विशुद्ध रूप से चुनावी रंजिश का परिणाम है।


















