अंतरराष्ट्रीय

Dead Hand Russia: पुतिन की गिरफ्तारी पर सक्रिय होगा ‘डेड हैंड’? रूस के ‘प्रलय के हथियार’ की खौफनाक सच्चाई

Dead Hand Russia:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हंगरी में प्रस्तावित बैठक की योजना को लेकर बहस तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर पुतिन को गिरफ्तार कर लिया जाता है, तो रूस की रक्षा प्रणाली किस तरह प्रतिक्रिया देगी? विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में रूस का सबसे खतरनाक सुरक्षा हथियार ‘डेड हैंड’ (Dead Hand) सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसका दुनिया पर भयावह असर होगा।

‘डेड हैंड’ या ‘पेरिमीटर सिस्टम’ क्या है?

रूस में इसे ‘पेरिमीटर सिस्टम’ कहा जाता है, लेकिन दुनिया इसे ‘डेड हैंड’ (मृत हाथ) के नाम से जानती है। यह एक ऐसा स्वचालित परमाणु जवाबी हमला प्रणाली है, जिसे सोवियत संघ के दौर में 1980 के दशक में बनाया गया था।

उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर रूस पर अचानक परमाणु हमला हो जाए और देश का पूरा सैन्य नेतृत्व खत्म हो जाए, तब भी यह सिस्टम अपने आप जवाबी परमाणु हमला कर सके। इसका सीधा संदेश है: अगर रूस खत्म हुआ तो बदला लेकर रहेगा।

कैसे काम करता है यह खौफनाक हथियार?

‘डेड हैंड’ सिस्टम कई उन्नत सेंसर और एल्गोरिदम पर आधारित है, जो चौबीसों घंटे निगरानी करते हैं:

निरंतर निगरानी: यह सिस्टम लगातार रूस की भूकंपीय गतिविधियों, वायुदाब, रेडिएशन स्तर और कम्युनिकेशन नेटवर्क की निगरानी करता है।

सक्रियता: अगर सिस्टम यह निष्कर्ष निकालता है कि रूस पर परमाणु हमला हुआ है और किसी भी सैन्य अड्डे से जवाबी कार्रवाई का मानवीय आदेश नहीं आ रहा है, तो यह स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाता है।जवाबी हमला: सक्रिय होने के बाद, यह एक विशेष कमांड मिसाइल लॉन्च करता है। यह मिसाइल हवा में उड़ते हुए रेडियो सिग्नल के माध्यम से रूस के सभी परमाणु मिसाइल ठिकानों को लॉन्च करने का आदेश भेजती है।निशाना: इस जवाबी हमले का निशाना आमतौर पर अमेरिका, यूरोपीय देश और उनके सैन्य बेस होते हैं।

क्या ‘डेड हैंड’ अभी भी सक्रिय है?

रूस ने कभी आधिकारिक तौर पर इसकी स्थिति की घोषणा नहीं की, लेकिन 2011 में रूसी कमांडर सर्गेई कराकायेव ने पुष्टि की थी कि यह सिस्टम आज भी पूर्ण रूप से तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैटेलाइट डेटा जैसी आधुनिक तकनीकों से अपग्रेड किया गया है, ताकि यह भविष्य में होने वाले हमलों का पूर्वानुमान भी लगा सके। पुतिन की गिरफ्तारी जैसी किसी भी गंभीर स्थिति में, जहां नेतृत्व की कमान हाथ से चली जाती है, यह ‘डेड हैंड’ सिस्टम मानवता के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।

Read More : Bihar Election 2025: ‘पीके फैक्टर’ से परेशान नीतीश? हरिवंश ने की प्रशांत किशोर की तारीफ

Thetarget365

Recent Posts

Opium Trap In Raigarh: रायगढ़ के तमनार आमाघाट में 1 एकड़ में अफीम की अवैध खेती का खुलासा, एक हिरासत में

Opium Trap In Raigarh: छत्तीसगढ़ में दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले से…

49 minutes ago

Tonk Crime News: टोंक में इंसानियत शर्मसार! इमाम की इस खौफनाक करतूत से दहला राजस्थान

Tonk Crime News: राजस्थान के टोंक जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात…

1 hour ago

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार ₹93 के पार पहुंचा डॉलर, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

Rupee vs Dollar:  वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल…

2 hours ago

Hormuz Strait Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य में इंटरनेट केबल्स पर मंडराया खतरा, वैश्विक डिजिटल संकट की चेतावनी

Hormuz Strait Crisis: मध्य पूर्व में इज़राइल और ईरान के बीच गहराता सैन्य संघर्ष अब…

2 hours ago

JPSC Recruitment 2026 : झारखंड में डिप्टी कलेक्टर बनने का सुनहरा मौका, जानें योग्यता

JPSC Recruitment 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने प्रशासनिक सेवा में करियर बनाने का…

2 hours ago

Meta Creator Program : फेसबुक से घर बैठे कमाएं लाखों, मेटा का नया क्रिएटर फास्ट ट्रैक प्रोग्राम लॉन्च

Meta Creator Program: सोशल मीडिया की डिजिटल दुनिया अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह…

3 hours ago

This website uses cookies.