Chhattisgarh Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी हलचल सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार छत्तीसगढ़ के नेता दोनों प्रमुख दलों—कांग्रेस और भाजपा—की चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

कांग्रेस ने भूपेश बघेल को बनाया सीनियर ऑब्जर्वर
कांग्रेस पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बिहार चुनाव का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ही कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता बिहार में प्रचार की कमान संभालने जा रहे हैं। बघेल ने कहा है कि “बिहार में इस बार वोट चोरी नहीं होने दी जाएगी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की 16 दिवसीय यात्रा का चुनाव में बड़ा असर पड़ेगा।

देवेन्द्र यादव और अन्य नेता भी निभाएंगे बड़ी भूमिका
सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेंद्र यादव को भी बिहार की कुछ अहम सीटों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा, करीब दो दर्जन से अधिक नेता अलग-अलग सीटों पर डटे रहेंगे और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाएंगे।
बीजेपी भी पीछे नहीं, विष्णु देव साय बन सकते हैं स्टार प्रचारक
कांग्रेस की सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने भी छत्तीसगढ़ के बड़े चेहरों को मैदान में उतारने की योजना बनाई है। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को स्टार प्रचारक बनाया जा सकता है। इसके अलावा, सांसद संतोष पांडेय समेत कई संगठन पदाधिकारी और मंत्री बिहार में कैंप करेंगे। सभी को विधानसभा वार जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
संतोष पांडेय का भूपेश बघेल पर तंज
भूपेश बघेल को ऑब्जर्वर बनाए जाने पर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, “जहां-जहां भूपेश जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है।” उन्होंने भूपेश बघेल को राहुल-प्रियंका का एटीएम बताते हुए कहा कि “अब कांग्रेस उन्हें पेटीएम की तरह इस्तेमाल कर रही है।”
बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी गूंज अब छत्तीसगढ़ की फिजाओं में भी सुनाई देने लगी है। दोनों ही दलों ने छत्तीसगढ़ के नेताओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें रणनीतिक मोर्चे पर उतार दिया है। जहां कांग्रेस भूपेश बघेल के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पर दांव खेल रही है, वहीं भाजपा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बिहार के मैदान में उतारने की तैयारी में है। साफ है, बिहार का रण अब छत्तीसगढ़ की सियासत को भी प्रभावित कर रहा है।











