Women’s T20 World Cup : विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित महामुकाबला शुरू हो चुका है. एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीमें आमने-सामने हैं. इस हाई-वोल्टेज मैच में भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस की बाजी जीती और बिना किसी हिचकिचाहट के पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. हालांकि, इस मुकाबले की शुरुआत खेल के मैदान से इतर एक बेहद चौंकाने वाली घटना से हुई. टॉस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब दोनों कप्तान मैदान के बीचोबीच खड़ी थीं, तब परंपरा के विपरीत दोनों ने एक-दूसरे से हाथ (हैंडशेक) नहीं मिलाया.

टूर्नामेंट का पहला मैच
मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में दोनों ही चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों का यह पहला मुकाबला है, जिसके चलते दोनों ही टीमें जीत के साथ अपने अभियान का आगाज करना चाहती हैं. अगर पिछले रिकॉर्ड्स और इतिहास पर नजर डालें, तो भारतीय महिला टीम का पलड़ा काफी मजबूत दिखाई देता है. भारत पिछले टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में कामयाब रहा था. वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था और वह ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने में नाकाम रही थी. ऐसे में भारतीय टीम इस मैच में प्रबल दावेदार के रूप में उतरी है.

आमने-सामने के आंकड़े
क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक फॉर्मेट में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक कुल 16 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं. इन आंकड़ों में भारतीय टीम का एकतरफा दबदबा साफ नजर आता है. भारत ने इन 16 मैचों में से 13 मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान के हाथ सिर्फ 3 जीतों की निराशा आई है. वहीं, अगर सिर्फ टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास की बात करें, तो दोनों टीमें 8 बार भिड़ी हैं. यहां भी टीम इंडिया ने अपना वर्चस्व कायम रखते हुए 6 मैचों में बाजी मारी है, जबकि पाकिस्तानी टीम केवल 2 बार ही जीत का स्वाद चख सकी है.
‘नो-हैंडशेक’ की वजह
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर यह ‘नो-हैंडशेक’ (हाथ न मिलाने) का सिलसिला कोई नया नहीं है. दरअसल, पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले और उसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बढ़े भारी तनाव को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारत सरकार के रुख के बाद भारतीय पुरुष और महिला दोनों ही टीमों ने पाकिस्तान के खिलाफ मैचों के दौरान या बाद में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का एक बड़ा और सख्त फैसला लिया था.
सितंबर 2025 से हुई शुरुआत
इस कड़े फैसले की व्यावहारिक शुरुआत सितंबर 2025 में खेले गए पुरुष एशिया कप के दौरान हुई थी. उस समय सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराने के बाद मैदान पर विरोधी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से पूरी तरह परहेज किया था. इसके बाद से यह कड़ा रुख एक परंपरा बन गया, जो फरवरी 2026 में आयोजित हुए पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप और अक्टूबर 2025 के महिला वनडे वर्ल्ड कप के दौरान भी लगातार जारी रहा. भारतीय खिलाड़ी खेल भावना का सम्मान तो करते हैं, लेकिन देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान से समझौता नहीं करते.
बर्मिंघम में भी दिखा सख्त रुख
अब बर्मिंघम के मैदान पर खेले जा रहे इस महिला टी-20 वर्ल्ड कप मुकाबले में भी ठीक वही दृश्य दोबारा दोहराया गया. टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तान की युवा कप्तान फातिमा सना सिक्का उछालने के लिए एक साथ आमने-सामने तो आईं, लेकिन फोटो खिंचवाने और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों में से किसी ने भी एक-दूसरे की तरफ हैंडशेक के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ाया. यह वाकया मैच शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो गया और चर्चा का केंद्र बन गया.
दोनों टीमों की अंतिम एकादश:
इस महत्वपूर्ण और बड़े मैच के लिए दोनों टीमों ने अपनी सबसे मजबूत और संतुलित प्लेइंग-11 को मैदान पर उतारा है, जो इस प्रकार है:
भारतीय महिला टीम: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, क्रांति गौड़.
पाकिस्तान महिला टीम: मुनीबा अली (विकेटकीपर), गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, सायरा जबीन, नतालिया परवेज, फातिमा सना (कप्तान), रामीन शमीम, नशरा संधू, तस्मिया रुबाब, सादिया इकबाल.
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