FSSAI Action : देश के भीतर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उन पर किए जाने वाले दावों को लेकर सरकार बेहद गंभीर रुख अपना रही है. इसी कड़ी में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. खाद्य नियामक संस्था ने देश की आठ प्रमुख फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. FSSAI का स्पष्ट रूप से मानना है कि इन कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ब्रांड नाम, आकर्षक टैगलाइन और विज्ञापनों में किए जा रहे दावे पूरी तरह से उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हैं. नियामक संस्था ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इन फूड प्रोडक्ट्स के नाम और दावे मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों की कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं, जिससे आम ग्राहकों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है.

जांच के दायरे में आईं ये 8 प्रमुख फूड कंपनियां
FSSAI ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें भ्रामक विज्ञापनों के जाल से बचाने के लिए जिन आठ फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को चिन्हित किया है, उनमें उद्योग जगत के कई बड़े नाम शामिल हैं. नोटिस पाने वाली इन कंपनियों की सूची में इमामी हेल्दी एंड टेस्टी (Emami Healthy & Tasty), हेल्थ एड (Health Aid), ट्रूवी (Troovy), द हेल्दी फैक्ट्री (The Healthy Factory), हेल्दी मास्टर (Healthy Master), हेल्दी चॉइस (Healthy Choice), प्लान बी (Plan B) और न्यूहर्ब्स (Neuherbs) के नाम मुख्य रूप से शामिल हैं. FSSAI इन सभी कंपनियों के विज्ञापनों और लेबलों की गहराई से जांच कर रहा है.

खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के नियमों का उल्लंघन
नियामक संस्था FSSAI द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन कंपनियों द्वारा अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए जिन ब्रांड नामों, टैगलाइनों और लेबल्स का सहारा लिया जा रहा है, वे सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कड़े प्रावधानों और नियमों का उल्लंघन करते हैं. FSSAI ने साफ तौर पर सचेत किया है कि इस तरह के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे आम उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति, उसकी गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली वास्तविक सामग्रियों के बारे में पूरी तरह से धोखे में रख सकते हैं.
इमामी और प्लान बी के ‘वीगन’ दावों पर उठे गंभीर सवाल
कोलकाता स्थित मशहूर व्यावसायिक घराने इमामी ग्रुप (Emami Group) की कुकिंग ऑयल बनाने वाली इकाई ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ का व्यापारिक नाम (Trade Name) इस समय नियामक के रडार पर आ गया है. FSSAI का कहना है कि यह नाम उपभोक्ताओं को तेल से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के प्रति जरूरत से ज्यादा भ्रमित करता है. इसके साथ ही ‘प्लांट बी’ (Plan B) कंपनी के ‘प्लांट बेस्ड वीगन’ (Plant Based Vegan) होने के दावे पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं. नियामक के मुताबिक, कंपनी ने अपने उत्पादों को इस तरह पेश किया जैसे वे पूरी तरह वीगन हों, जबकि इसके लिए जो जरूरी कानूनी अनुमोदन (Approval) होना चाहिए, वह उनके FSSAI लाइसेंस में कहीं भी दर्ज नहीं है.
‘जीरो मैदा’ और ‘ट्रू विटामिन’ के भ्रामक दावों की खुली पोल
इस कार्रवाई में ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ के ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ (Zero Maida Whole Wheat Bread) और ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’ (Zero Maida Pizza Base) जैसे उत्पादों को भी नोटिस का सामना करना पड़ा है. FSSAI के अनुसंधान में पाया गया कि इन उत्पादों में गेहूं का ग्लूटेन और अन्य ऐसी सामग्रियां मौजूद हैं, जिसके बाद ‘जीरो मैदा’ का दावा करना पूरी तरह से गलत और ग्राहकों को ठगने जैसा है. दूसरी ओर, ‘न्यूहर्ब्स’ (Neuherbs) के ‘ट्रू विटामिन’ (True Vitamin) ब्रांड नाम को भी नियमों के विरुद्ध पाया गया है. नियामक का तर्क है कि यह शब्दावली FSSAI के मानकों में कहीं परिभाषित नहीं है और यह ग्राहकों में गलत धारणा पैदा करती है.
वैज्ञानिक आधार पर ही मान्य होंगे खाद्य उत्पादों के दावे
इन कंपनियों के अलावा ट्रूवी, हेल्दी मास्टर, हेल्दी चॉइस और हेल्थ एड के नामों और उनकी टैगलाइनों को भी पूरी तरह से भ्रामक और अनुचित घोषित किया गया है. FSSAI ने इस पूरी कार्रवाई के जरिए देश के सभी खाद्य निर्माताओं को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है. संस्था ने साफ कहा है कि भविष्य में खाद्य उत्पादों पर किए जाने वाले सभी प्रकार के दावों का एक ठोस वैज्ञानिक आधार होना अनिवार्य है और वे निर्धारित नियमों के दायरे में होने चाहिए. FSSAI का मुख्य उद्देश्य बाजार में भ्रामक मार्केटिंग और विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाकर उपभोक्ताओं तक केवल सही, सुरक्षित और सटीक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित करना है.
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