Ayodhya Deepotsav 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली और अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव से पहले प्रदेशवासियों के नाम अपनी 49वीं पाती जारी की है। इस संदेश के माध्यम से उन्होंने सभी नागरिकों को 10वें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। साथ ही परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने का आत्मीय निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को केवल धार्मिक और पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आस्था, सांस्कृतिक गौरव और आर्थिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव बताया।
रामायण के भरत प्रसंग से दिया त्याग और जिम्मेदारी का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग का उल्लेख करते हुए भरत जी के त्याग और समर्पण को याद किया। उन्होंने लिखा कि भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान भरत जी ने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग किया और उनकी चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित करके राज्य का संचालन किया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार नहीं, बल्कि दायित्व और जिम्मेदारी निभाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या का दीपोत्सव इसी त्याग, मर्यादा और समर्पण की भावना को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।

सरयू तट और राम की पैड़ी पर जगमगाएंगे लाखों दीप
सीएम योगी ने अयोध्या के दीपोत्सव की भव्यता का वर्णन करते हुए मां सरयू के तट और राम की पैड़ी पर सजने वाली दीपमालाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लाखों दीपों की रोशनी से अयोध्या का वातावरण अलौकिक हो उठता है। ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती पर आकाशगंगा उतर आई हो। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं की वैश्विक पहचान को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है।

दीपोत्सव से रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर से भी जोड़ा। उन्होंने प्रदेश की नई पहचान को ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि प्रकाश से सुरक्षा, सुरक्षा से निवेश और निवेश से विकास के रास्ते खुलते हैं। विकास के साथ रोजगार और समृद्धि के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। कुम्हारों, दीये बनाने वाले कारीगरों, फूल विक्रेताओं, हस्तशिल्पियों और होटल कारोबारियों को अतिरिक्त काम और आमदनी के अवसर प्राप्त होते हैं।
वोकल फॉर लोकल अपनाने की मुख्यमंत्री ने की अपील
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए मिट्टी के दीये और अन्य स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, स्थानीय उत्पाद खरीदने से छोटे व्यापारियों और पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक सहायता मिलती है। इससे त्योहार की खुशियों के साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है।

गरीब परिवारों की दीपावली रोशन करने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने अपनी 49वीं पाती में युवाओं और आम नागरिकों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यदि आसपास कोई गरीब या वंचित परिवार रहता है, तो अपनी क्षमता के अनुसार उसकी दीपावली भी खुशियों से भरें। ऐसे परिवारों को मिट्टी के दीये, मिठाइयां और नए कपड़े देकर त्योहार की खुशियों में शामिल करें। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा अपनाने, नकारात्मकता से दूर रहने और समाज में सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
स्वच्छता और सद्भाव के साथ मनाएं दीपावली
सीएम योगी ने स्वच्छता को भी दीपोत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखना चाहिए, क्योंकि स्वच्छता में ही मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। पाती के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘सियावर रामचंद्र की जय’ का उद्घोष करते हुए प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, खुशहाली, आपसी सद्भाव और निरंतर प्रगति की कामना की।


