Bihar News : बिहार के गयाजी जिले में शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव में एक पुराने कुएं में उतरने के बाद पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू कराया गया।

मोटर ठीक करने कुएं में उतरा था ग्रामीण
जानकारी के मुताबिक, गांव का एक व्यक्ति पुराने कुएं में लगी मोटर को ठीक करने के लिए अंदर उतरा था। कुएं के भीतर पहुंचते ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि कुएं के अंदर जहरीली गैस मौजूद हो सकती थी, जिसके प्रभाव में आने के बाद वह पानी में छटपटाने लगा। उसकी हालत देखकर आसपास मौजूद लोगों को घटना की गंभीरता का अंदाजा हुआ।

पिता को बचाने बेटा भी कुएं में उतरा
पिता को मुश्किल में देखकर उसका बेटा उसे बचाने के लिए बिना स्थिति की गंभीरता समझे कुएं में उतर गया। लेकिन अंदर पहुंचते ही वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। दोनों को संकट में देखकर दो अन्य ग्रामीण भी उनकी मदद करने के उद्देश्य से कुएं के भीतर चले गए। देखते ही देखते चारों लोग गंभीर स्थिति में पहुंच गए।
बचाने पहुंचे दो अन्य लोगों की भी मौत
बताया जा रहा है कि कुएं के अंदर जहरीली गैस का प्रभाव इतना अधिक था कि पिता-पुत्र को बचाने के लिए उतरे दोनों अन्य लोग भी उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही समय में चारों की हालत बेहद गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई और प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।
रेस्क्यू के दौरान फायरकर्मी भी हुए बेहोश
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया। कुएं के भीतर से शवों को निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। हालांकि, रेस्क्यू के दौरान जहरीली गैस के प्रभाव का अंदाजा उस समय हुआ, जब बचाव कार्य में लगे कुछ फायर ब्रिगेड कर्मी भी इसकी चपेट में आकर बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

45 मिनट तक चला राहत-बचाव अभियान
कुएं से शवों को बाहर निकालना बचाव दल के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। सुरक्षा संबंधी परेशानियों के बीच करीब 45 मिनट तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी चार शवों को पुराने कुएं से बाहर निकाला जा सका। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया।
मृतकों की पहचान हुई
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विजय चौधरी, विकास चौधरी, दिलचंद मांझी और चमारी मांझी के रूप में हुई है। मृतकों में विजय चौधरी और विकास चौधरी पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
गांव में पसरा मातम
चार लोगों की मौत की खबर से गढ़ करमौनी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि पुराने कुएं में जहरीली गैस के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासनिक बयान का इंतजार
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। घटनास्थल पर प्रशासन और बचाव दल की गतिविधियां जारी रहीं। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इस हादसे ने एक बार फिर पुराने कुओं और बंद स्थानों में जहरीली गैस के संभावित खतरे को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
Read More : Tendu Patta News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कारोबारियों को देना होगा 2% ABS शुल्क











