Russia-Ukraine Conflict
Russia-Ukraine Conflict: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष अब अपने सबसे विनाशकारी चरण में पहुंच गया है। पिछले चार वर्षों से जारी इस रूसी आक्रमण ने न केवल बुनियादी ढांचे को तबाह किया है, बल्कि एक ऐसी मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में फ्रांसीसी टीवी चैनल ‘फ्रांस 2’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में युद्ध की विभीषिका पर बड़ा खुलासा किया है। जेलेंस्की के अनुसार, इस जंग में अब तक 55,000 यूक्रेनी सैनिक वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं। यह आंकड़ा उस भारी कीमत को दर्शाता है जो यूक्रेन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए चुका रहा है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा साझा किए गए आंकड़े आधिकारिक हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का अनुमान कहीं अधिक डरावना है। जहाँ जेलेंस्की ने 2025 की शुरुआत में 46,000 मौतों का जिक्र किया था, जो अब 55,000 तक पहुँच गया है, वहीं अमेरिकी थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ (CSIS) की रिपोर्ट कुछ और ही इशारा करती है। CSIS के अनुसार, पिछले साल के अंत तक लगभग 1.4 लाख यूक्रेनी सैनिक मारे गए हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि रूस ने भी इस युद्ध में अपने 3.25 लाख सैनिकों को खोया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह युद्ध दोनों पक्षों के लिए ‘जनशक्ति की बर्बादी’ साबित हो रहा है।
इस युद्ध की सबसे दुखद मार यूक्रेन के आम नागरिकों पर पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तक लगभग 15,000 यूक्रेनी नागरिक मारे गए हैं और 40,000 से अधिक घायल हुए हैं। ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2024 की तुलना में 2025 में नागरिकों के हताहत होने की दर में 31% की वृद्धि हुई है। वर्तमान में, रूस ने अपनी रणनीति बदलते हुए यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कीव के ‘डारनिट्सिया थर्मल पावर प्लांट’ पर हुए हालिया रूसी हमले को लातविया के राजदूत ने ‘नरसंहार’ की संज्ञा दी है, क्योंकि इससे कड़ाके की ठंड में लाखों लोग बिजली और पानी से वंचित हो गए हैं।
जंग की तपिश के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबु धाबी से राहत की एक छोटी सी खबर सामने आई है। अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की वार्ता आयोजित की गई, जिसमें अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यद्यपि इस बैठक में युद्ध विराम को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हो सका, लेकिन दोनों पक्ष 314 युद्धबंदियों (POWs) की अदला-बदली पर सहमत हुए। पिछले पांच महीनों में यह पहला बड़ा आदान-प्रदान है, जिसे कूटनीतिक हलकों में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
जमीनी हकीकत आज भी बेहद तनावपूर्ण है। युद्ध अब 1,000 किलोमीटर लंबी फ्रंट लाइन पर एक थका देने वाले ‘अवरोध’ (Stalemate) की स्थिति में पहुँच गया है। रूस लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों से यूक्रेन को घुटनों पर लाने की कोशिश कर रहा है। ताजा सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने एक ही रात में यूक्रेन पर 183 ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन ने भी रूसी क्षेत्रों में 95 ड्रोन गिराने का दावा किया है। इस कठिन समय में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कीव का दौरा कर यूक्रेन के प्रति अपनी अटूट एकजुटता व्यक्त की है।
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