Zelensky Trump meeting : रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक नई कूटनीतिक पहल के तहत यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि वे 17 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वाशिंगटन D.C. में मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के बीच 15 अगस्त को अलास्का में हुई शिखर वार्ता के ठीक बाद हो रही है।

ट्रंप-पुतिन वार्ता के बाद जेलेंस्की की सक्रियता बढ़ी
राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच 2 घंटे 45 मिनट चली बातचीत के बाद जहां दोनों पक्ष युद्धविराम पर सहमत नहीं हो सके, वहीं अब जेलेंस्की इस वार्ता में यूक्रेन की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत हैं। अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए जेलेंस्की ने बताया कि ट्रंप से उनकी एक घंटे की बातचीत पहले ही हो चुकी है, जिसमें पुतिन के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी साझा की गई।

जेलेंस्की की स्पष्ट मांग: बिना शर्त युद्धविराम और यूरोपीय भागीदारी
जेलेंस्की ने साफ किया कि यूक्रेन युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह बिना किसी पूर्व शर्त के ही होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि त्रिपक्षीय वार्ता होती है — अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच — तो उसमें यूरोपीय देशों के नेताओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि इससे रूस से विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित की जा सकती है, जो यूक्रेन की रक्षा के लिए जरूरी है।
ट्रंप का ‘लैंड स्वैप’ प्रस्ताव खारिज
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने पुतिन के साथ बातचीत में एक संभावित “लैंड स्वैप” (ज़मीन का अदला-बदली) प्रस्ताव रखा था, जिसे जेलेंस्की ने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया है। उनका कहना है कि यूक्रेन की संप्रभुता और सीमाओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और बिना यूक्रेनी सहमति के कोई भी समझौता अमान्य माना जाएगा।
ट्रंप की रूस को चेतावनी: युद्ध नहीं रुका तो भुगतने होंगे परिणाम
हालांकि ट्रंप ने पुतिन को “स्मार्ट व्यक्ति” बताया, लेकिन उन्होंने रूस को चेतावनी दी कि यदि युद्ध नहीं रोका गया तो उसे गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। इससे स्पष्ट है कि ट्रंप युद्ध समाप्ति को लेकर गंभीर हैं, लेकिन रणनीति में लचीलापन बनाए रखना चाहते हैं।
यूरोप का समर्थन और जेलेंस्की की उम्मीद
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि पुतिन-ट्रंप बातचीत के बाद कई यूरोपीय देशों के नेताओं ने ट्रंप से संपर्क किया है और त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होने के प्रयासों का समर्थन किया है। उनका मानना है कि ट्रंप इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हैं और उम्मीद जताई कि 17 अगस्त को होने वाली मुलाकात में यह पहल आगे बढ़ेगी।
यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के प्रयास अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुके हैं। ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका यदि यूक्रेन और रूस के बीच त्रिपक्षीय वार्ता को संभव बनाता है और उसमें यूरोपीय देशों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, तो यह वैश्विक राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।










