Parliament Protest: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर मंगलवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई तथा अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे थे। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले स्थगित हुई और बाद में दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

लगातार 17वें कार्यदिवस प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित
मानसून सत्र के चौथे सप्ताह के दूसरे दिन भी लोकसभा में पिछले तीन सप्ताह जैसी स्थिति देखने को मिली। विपक्ष के विरोध के चलते लगातार 17वें कार्यदिवस में भी प्रश्नकाल और शून्यकाल सुचारू रूप से नहीं चल सके। इससे संसद के महत्वपूर्ण विधायी और जवाबदेही से जुड़े कामकाज पर असर पड़ा। सत्ता पक्ष ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की, लेकिन नारेबाजी के कारण सामान्य कार्यवाही बहाल नहीं हो सकी।

केरल नाम परिवर्तन विधेयक बिना चर्चा पारित
दोपहर दो बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इस दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे। हंगामे के बीच ही सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विपक्ष के कई सदस्य विधेयक पर चर्चा की मांग करते रहे, लेकिन सदन में व्यवधान जारी रहने के कारण विस्तृत बहस नहीं हो सकी।
विपक्ष ने राम मंदिर और छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाया
विपक्षी सांसद अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर सदन में चर्चा चाहते थे। इसके साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की जा रही थी। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार को सदन के भीतर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर कई सांसदों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम विधेयक भी पारित
केरल का नाम परिवर्तन विधेयक पारित होने के बाद सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी NCDC (संशोधन) विधेयक, 2026 को सदन में पेश किया। इस विधेयक को भी हंगामे के बीच चर्चा के बिना ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीट पर बैठने और विधेयक की चर्चा में हिस्सा लेने का बार-बार अनुरोध किया।

पीठासीन सभापति ने विपक्ष से सहयोग मांगा
कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि महत्वपूर्ण विधेयक सदन से पारित किए जा रहे हैं और उन्हें अपनी सीट पर जाकर चर्चा में भाग लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक पर भी विपक्षी सांसदों ने चर्चा में भाग नहीं लिया। लगातार हंगामा जारी रहने के बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सुबह से ही सदन में शुरू हो गया था विरोध
इससे पहले मंगलवार सुबह 11 बजे लोकसभा की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने दोनों मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया था। कांग्रेस और सपा सहित कई विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर चर्चा की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग भी की जा रही थी। विपक्षी सांसदों के हाथों में तख्तियां भी देखी गईं।
ओम बिरला ने सरकार की सहमति का दिया हवाला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग को लेकर सरकार पहले ही सहमति दे चुकी है। ऐसे में विपक्ष को अब सदन चलने देना चाहिए। बिरला ने कहा कि संसद को सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सहयोग से चलाया जाना चाहिए और देश की जनता चाहती है कि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा हो।
प्रश्नकाल को बताया जवाबदेही का महत्वपूर्ण माध्यम
लोकसभा अध्यक्ष ने कार्य मंत्रणा समिति यानी BAC की बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोमवार को हुई बैठक में भी उन्होंने सभी दलों से सदन चलाने का आग्रह किया था। बिरला ने प्रश्नकाल को संसद की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से सरकार की जवाबदेही तय होती है और कार्यपालिका में पारदर्शिता आती है। उन्होंने विपक्ष से इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को बाधित नहीं करने की अपील की।
गृह मंत्री के जवाब के लिए सरकार तैयार
ओम बिरला ने विपक्ष की प्रमुख मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने BAC की बैठक में स्पष्ट किया है कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार विपक्ष की मुख्य मांग स्वीकार कर चुकी है तो अब विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। बिरला ने सदन के भीतर तख्तियां लाने पर भी आपत्ति जताई और इसे संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं बताया।
हंगामा जारी रहने पर सदन दो बजे तक स्थगित
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सदन का कामकाज बाधित होने से उन्हें भी दुख होता है। लेकिन विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। स्थिति को देखते हुए अध्यक्ष ने सुबह 11 बजकर चार मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी हंगामा नहीं थमा और अंततः कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद में गतिरोध से विधायी कामकाज प्रभावित
मंगलवार की कार्यवाही से एक बार फिर संसद में जारी गतिरोध सामने आया। विपक्ष जहां छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर से जुड़े कथित मामले पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा, वहीं सरकार ने विधायी कामकाज आगे बढ़ाने की कोशिश की। हंगामे के बीच दो विधेयकों के पारित होने के बाद भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो सका। अब बुधवार को सदन की कार्यवाही पर सभी की नजरें रहेंगी।
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