Ambikapur News : शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध चिकित्सालय अंबिकापुर में Doctors के सामने एक ऐसा मामला आया जिसने सभी को हैरत में डाल दिया। सेंट्रल जेल अंबिकापुर का एक बंदी अचानक गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि कैदी ने अपने पेशाब नली (यूरेथ्रा) में लगभग 9 सेंटीमीटर लंबी पेंसिल फंसा ली थी। इस असामान्य घटना के चलते मरीज का मूत्र रुक गया था और लगातार रक्तस्राव भी हो रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने तत्काल एक्स-रे और अन्य जांचें कर मरीज की स्थिति का आकलन किया। पुष्टि होने के बाद इमरजेंसी ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी कुजूर के नेतृत्व में डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. कांता और डॉ. इंद्रनील की टीम ने शल्य क्रिया की जिम्मेदारी संभाली, इस दौरान निश्चेतना विभाग से डॉ. शिवम मौजूद रहे। ऑपरेशन के दौरान पूरी सावधानी बरतते हुए पेशाब नली में फंसी पेंसिल को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं होता तो कैदी की स्थिति गंभीर हो सकती थी। मूत्र नली में किसी बाहरी वस्तु के फंसने से मूत्र मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, जिससे संक्रमण, रक्तस्राव और गुर्दे तक पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
ऑपरेशन के उपरांत मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है। चिकित्सालय प्रबंधन ने भी इसे एक जटिल और चुनौतीपूर्ण केस मानते हुए टीम की तत्परता और कौशल की सराहना की। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे असामान्य मामले बहुत ही विरल होते हैं, लेकिन समय पर उपचार और सर्जिकल हस्तक्षेप से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
इस घटना ने न केवल डॉक्टरों की दक्षता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर की शल्य चिकित्सा टीम किसी भी जटिल आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है।











