Chhattisgarh RERA News : छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने और भूखंड व मकान खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी-रेरा) ने सख्त कदम उठाया है। प्राधिकरण ने रायपुर जिले के आरंग स्थित ‘सालासार विहार’ परियोजना में बिना रेरा पंजीयन भूखंड बेचने के मामले में प्रमोटर राजीव सोनी, पिता केएल सोनी, पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है।
सालासार विहार परियोजना में नियमों के उल्लंघन का मामला
सीजी-रेरा के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सामने आया कि सालासार विहार परियोजना के अंतर्गत जमीन को अलग-अलग भूखंडों में विभाजित किया गया और रेरा में पंजीयन कराए बिना उनकी बिक्री की गई। निर्धारित श्रेणी में आने वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए नियमानुसार पंजीयन आवश्यक है। प्राधिकरण ने दस्तावेजों के परीक्षण के बाद इस मामले को संबंधित कानून के प्रावधानों का उल्लंघन माना और प्रमोटर के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की।
रियल एस्टेट अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन
प्राधिकरण ने पाया कि बिना आवश्यक पंजीयन के भूखंडों की बिक्री करना भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों के विपरीत है। इस कानून का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा संपत्ति खरीदने वाले लोगों के हितों की सुरक्षा करना है। निर्धारित नियमों के तहत आने वाली परियोजनाओं को संबंधित प्राधिकरण में पंजीकृत कराना जरूरी होता है, ताकि खरीदार परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें।
अधिनियम की धारा 59 के तहत 25 लाख रुपये की शास्ति
सीजी-रेरा ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए भू-संपदा अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत प्रमोटर राजीव सोनी पर 25 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अर्थदंड निर्धारित करते समय परियोजना की अनुमानित लागत को आधार बनाया गया। यह कार्रवाई उन प्रमोटरों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है, जो अनिवार्य पंजीयन की प्रक्रिया पूरी किए बिना परियोजनाओं का विकास या भूखंडों का विक्रय करते हैं।
रेरा पंजीयन के बिना बिक्री और विज्ञापन पर प्रतिबंध
भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के अनुसार, निर्धारित श्रेणी में आने वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य है। आवश्यक पंजीयन के बिना ऐसी परियोजनाओं का विज्ञापन, विपणन या संपत्ति का विक्रय करना कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। इस व्यवस्था के जरिए खरीदारों को परियोजना की वैधानिक स्थिति, विकास संबंधी जानकारी और अन्य जरूरी विवरण उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है।
खरीदारों को निवेश से पहले रेरा पंजीयन जांचने की सलाह
छत्तीसगढ़ रेरा ने आम नागरिकों और संपत्ति खरीदारों से अपील की है कि किसी भी आवासीय परियोजना या भूखंड में निवेश करने से पहले उसकी पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें। खरीदारों को परियोजना का रेरा पंजीयन क्रमांक, प्रमोटर का विवरण और उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों का सत्यापन करना चाहिए। इससे संभावित विवादों, धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
आधिकारिक वेबसाइट पर परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध
प्राधिकरण ने बताया कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। भूखंड और आवास खरीदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। नागरिक छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in पर जाकर परियोजनाओं के पंजीयन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी परियोजना में निवेश करने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच करना खरीदारों के लिए उपयोगी कदम है।
संपत्ति खरीदने से पहले दस्तावेजों की जांच जरूरी
सालासार विहार परियोजना से जुड़े मामले में सीजी-रेरा की कार्रवाई ने एक बार फिर रियल एस्टेट नियमों के अनुपालन का महत्व सामने रखा है। खरीदारों को केवल विज्ञापन या मौखिक आश्वासन के आधार पर निवेश करने के बजाय परियोजना की कानूनी स्थिति और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। वहीं, प्रमोटरों को भी संबंधित कानून और पंजीयन संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना जरूरी है। इससे संपत्ति लेन-देन में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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