Bulldozer Action : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गोहत्या और गोमांस बिक्री के मामले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा (39) के मकान को ध्वस्त कर दिया। गुरुवार सुबह गौरीनगर इलाके में की गई इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और नगर निगम की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अमला सुबह करीब पांच बजे बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचा और मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
सुबह पांच बजे पुलिस बल के साथ पहुंचा अमला
जानकारी के अनुसार, गौरीनगर स्थित आरोपी के मकान को गिराने के लिए राजस्व विभाग और नगर निगम के अधिकारी सुबह तड़के मौके पर पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान इलाके में प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, टीम के पहुंचने के बाद मकान को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
सरकारी जमीन पर निर्माण का हवाला, नोटिस के बाद तोड़फोड़
नगर पालिक निगम राजनांदगांव के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित मकान शासकीय भूमि पर बनाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि मकान को हटाने से पहले नोटिस दिया गया था और इसके बाद उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने कार्रवाई का आधार सरकारी जमीन पर किया गया निर्माण बताया है। मकान तोड़े जाने की कार्रवाई गोहत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हुई है, हालांकि मकान ध्वस्त करने का आधिकारिक कारण निगम अधिकारियों के बयान के अनुसार शासकीय भूमि पर निर्माण है।
राजनांदगांव में पहली बार आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजनांदगांव में किसी मामले के आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की यह पहली कार्रवाई है। इस घटनाक्रम ने शहर में ध्यान खींचा है। हालांकि, मकान गिराने की कार्रवाई को सीधे गोहत्या के आरोप से जोड़ने के बजाय निगम की ओर से बताए गए भूमि संबंधी आधार को ध्यान में रखना जरूरी है। इस मामले में कार्रवाई की परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रिया से संबंधित तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से की जा सकती है।
इससे पहले मटन सेंटर भी किया गया था ध्वस्त
गौरतलब है कि इससे पहले 19 अक्टूबर को राजनांदगांव के गौरीनगर इलाके में ही आरिफ कुरैशी की मटन सेंटर दुकान को ध्वस्त किया गया था। बताया गया है कि आरिफ कुरैशी मटन सेंटर संचालित करता था। दुकान पर कार्रवाई के बाद अब्दुल अलीम उर्फ कनवा के मकान को गिराए जाने की घटना सामने आई है। दोनों कार्रवाइयां एक ही इलाके में हुई हैं, लेकिन प्रत्येक कार्रवाई का आधिकारिक आधार संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।
गोहत्या मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस ने गोहत्या के मामले में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा के अलावा उसकी पत्नी, बेटी और भांजा भी शामिल बताए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण और जांच से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों से प्राप्त की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 14 बताई गई है।
कार्रवाई के बाद मामले पर बनी हुई है लोगों की नजर
राजनांदगांव के गौरीनगर में हुई इस कार्रवाई के बाद गोहत्या मामले और प्रशासनिक कदमों को लेकर चर्चा तेज है। एक ओर पुलिस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम ने मकान ध्वस्त करने के पीछे सरकारी भूमि पर निर्माण और नोटिस जारी किए जाने का हवाला दिया है। मामले की आगे की स्थिति पुलिस जांच और प्रशासनिक रिकॉर्ड से सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
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