BrahMos Next Generation Missile: 2029 तक तैयार हो सकता है नया मॉडल, भारत की रक्षा ताकत को मिलेगी नई धार

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल अब नए अवतार में आने की तैयारी कर रही है। छोटी, हल्की और अधिक स्टील्थ क्षमता वाली ब्रह्मोस-एनजी का प्रोटोटाइप 2027-2028 तक विकसित करने का लक्ष्य है। वहीं, पहले मॉडल के लिए 2029 की समयसीमा बताई गई है। जानिए इस परियोजना से भारत की रक्षा क्षमताओं को क्या फायदा हो सकता है।

BrahMos Next Generation Missile: भारत अपनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का अगली पीढ़ी का संस्करण विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ और प्रबंध निदेशक डॉ. जयतीर्थ जोशी के मुताबिक, कंपनी को 2029 तक नए सिस्टम का पहला मॉडल तैयार होने की उम्मीद है। इस परियोजना में स्वदेशी पुर्जों की हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक और उन्नत सामग्रियों का इस्तेमाल करने की योजना है। इसके लिए अनुसंधान एवं विकास का काम शुरू किया जा चुका है।

ads

छोटा और हल्का होगा ब्रह्मोस-एनजी

ब्रह्मोस-एनजी को मौजूदा मिसाइल की तुलना में छोटा, हल्का और अधिक स्टील्थ क्षमता वाला सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल संस्करण बनाने की योजना है। इससे विभिन्न सैन्य प्लेटफॉर्म पर इसके इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। डॉ. जोशी के अनुसार, पहला प्रोटोटाइप 2027-2028 तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त भविष्य में 1,500 किलोमीटर तक मारक क्षमता वाले संस्करण पर भी विचार किया जा रहा है। इसकी वास्तविक क्षमताएं और विकास की समयसीमा आगे के परीक्षणों पर निर्भर करेंगी।

Adst

ऑपरेशन सिंदूर के बाद ब्रह्मोस की चर्चा

ब्रह्मोस मिसाइल की चर्चा मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसके कथित युद्धक इस्तेमाल के बाद और बढ़ी। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इस हथियार प्रणाली का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में पाकिस्तान के नूर खान हवाई अड्डे का भी उल्लेख है। इस घटनाक्रम ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता और सटीक हमले करने वाली प्रणालियों पर ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, अभियान से संबंधित विशिष्ट दावों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से की जानी चाहिए।

रक्षा निर्यात में ब्रह्मोस की अहम भूमिका

डॉ. जोशी के मुताबिक, ब्रह्मोस का निर्यात सफर 2022 में मिले पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर के साथ आगे बढ़ा। भारत ने फिलीपींस के साथ मिसाइल निर्यात समझौता किया और कंपनी के अनुसार दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के साथ भी सौदों की दिशा में प्रगति हुई है। ब्रह्मोस भारत की रक्षा निर्यात रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से उत्पादन क्षमता, तकनीकी सहयोग और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी बढ़ी है।

उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन मजबूत करने की तैयारी

बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ब्रह्मोस एयरोस्पेस अपनी आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार करना चाहती है। कंपनी हैदराबाद, नागपुर, पिलानी और लखनऊ की उत्पादन इकाइयों के माध्यम से सशस्त्र बलों के ऑर्डर पूरे करने पर काम कर रही है। डॉ. जोशी के अनुसार, महत्वपूर्ण पुर्जों और सब-सिस्टम के लिए मौजूदा एक-दो आपूर्तिकर्ताओं के बजाय चार-पांच स्रोत विकसित करने की योजना है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता बनाए रखने और लागत को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिल सकती है।

Adst

नौसेना के लिए भी नए उपकरणों का अनुबंध

रक्षा मंत्रालय ने 6 अक्टूबर को भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर खरीदने का अनुबंध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनुबंध में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री निर्धारित है। यह कदम रक्षा उपकरणों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-रूस सहयोग से विकसित मिसाइल प्रणाली

ब्रह्मोस का विकास भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस की NPO Mashinostroyenia के सहयोग से हुआ है। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदियों के नामों को मिलाकर रखा गया। अब ब्रह्मोस-एनजी, बढ़ता निर्यात और स्वदेशी उत्पादन भारत की भविष्य की रक्षा योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Read More  :  WhatsApp और Telegram यूजर्स सावधान, नए SIM Binding नियम से बदल सकता है ऐप इस्तेमाल

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company. 

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst