CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में पूछताछ के लिए 22 अक्टूबर को बुलाया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, समय मांगे जाने के कारण बृहस्पतिवार को दोनों से पूछताछ नहीं होगी। जांच में शामिल होने के लिए पुलिस उन्हें नए सिरे से नोटिस जारी कर सकती है।
13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह मामला 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं से संबंधित है। पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। आरोपों में एक निजी संपत्ति में कथित अनधिकृत प्रवेश और लोक सेवकों के काम में बाधा डालना शामिल है। इन मामलों में दोनों नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, आरोपों से संबंधित जांच अभी जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
शुरुआत में दर्ज किए गए दोनों मामलों को बाद में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया गया। इसके बाद जांच एजेंसी ने दोनों नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दास और रांका ने जांच में शामिल होने के लिए और समय मांगा है। फिलहाल उनसे पूछताछ नहीं की जाएगी। पुलिस आगे की प्रक्रिया के तहत नए नोटिस जारी करके उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कह सकती है।
हलफनामा देने के बाद मिली रिहाई
सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को रिहा कर दिया गया था। रिहाई से पहले दोनों ने शांति भंग नहीं करने से संबंधित हलफनामा दिया। इसमें उन्होंने कहा कि जब तक जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर रखा जाएगा, तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। इस शर्त से जुड़े उनके बयान को मामले के घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पहले पांच दिन की न्यायिक हिरासत में रहे
प्रदर्शन से संबंधित मामलों में हिरासत में लिए जाने के बाद दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई। यह अवधि बुधवार को समाप्त हुई, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अब पुलिस की जांच का अगला चरण दोनों नेताओं से पूछताछ और संबंधित घटनाओं के तथ्यों की पड़ताल पर केंद्रित हो सकता है।
अब आगे क्या करेगी दिल्ली पुलिस?
दोनों नेताओं के अतिरिक्त समय मांगने के बाद क्राइम ब्रांच नए नोटिस जारी करने पर विचार कर सकती है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि 13 अक्टूबर के घटनाक्रम में कथित तौर पर क्या हुआ और दर्ज मामलों से जुड़े आरोपों के संबंध में कौन-से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल दोनों नेताओं की पूछताछ नहीं हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
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