Shiv Sharma Case : शिव शर्मा की मौत से जुड़े मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस इस अवधि में घटना से संबंधित परिस्थितियों, आरोपियों की कथित फरारी और उन्हें मदद देने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। पुलिस का दावा है कि श्रद्धा पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण से मामले की महत्वपूर्ण कड़ियों को समझने में मदद मिलेगी।
नागपुर से लखनऊ लाए गए तीन आरोपी
शिव शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को ट्रांजिट रिमांड पर नागपुर से लखनऊ लाया गया। लखनऊ पहुंचने के बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया। डीसीपी सेंट्रल अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक, आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई है। पुलिस उनके बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ
पुलिस के अनुसार, श्रद्धा दुबे से पूछताछ के दौरान आरोपियों को पहले अलग-अलग और फिर एक साथ बैठाकर सवाल किए गए। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि तीनों के बयानों में कितनी समानता है और क्या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को लेकर अंतर सामने आता है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि श्रद्धा पूछताछ में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही है। हालांकि, यह पुलिस का पक्ष है और जांच के निष्कर्षों का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
छह लाख रुपये वाला बैंक खाता फ्रीज
मामले की जांच के बीच श्रद्धा दुबे के एक बैंक खाते को फ्रीज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि खाते में करीब छह लाख रुपये जमा थे। पुलिस खाते से जुड़े लेनदेन और अन्य वित्तीय विवरणों की जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धनराशि का मामले से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में खाते में मौजूद रकम और कथित घटना के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
मोबाइल फोन और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच
डीसीपी सेंट्रल के मुताबिक, आरोपियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन और अन्य सामान को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। दूसरी ओर, सामने आई जानकारी में श्रद्धा दुबे के पास से चार मोबाइल फोन मिलने का भी दावा किया गया है। दोनों विवरणों में अंतर होने के कारण बरामद उपकरणों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। पुलिस आरोपियों के दूसरे मोबाइल नंबरों का भी पता लगा रही है, जिससे अन्य उपकरणों की उपलब्धता और लोकेशन से संबंधित जानकारी जुटाई जा सके।
फरारी के दौरान मददगारों की तलाश
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने पिछले 10 दिनों के दौरान ठहरने की जगहों और कथित मददगारों के बारे में कुछ जानकारी दी है। जांचकर्ता इन जानकारियों का सत्यापन कर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। पुलिस का कहना है कि बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आरोपों और साक्ष्यों की पुष्टि जरूरी होगी।
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