Pilibhit Voter List Row : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। इस प्रकरण में दो उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह मामला विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से जुड़े विवरणों में कथित गड़बड़ी पाए जाने के बाद सामने आया। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के साथ ही जिले में मतदाता सूचियों की विस्तृत जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
दो एसडीएम को पदों से हटाया गया
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एसडीएम मयंक गोस्वामी को पूरनपुर और एसडीएम हेमंत चौधरी को अमरिया से हटाया गया है। दोनों अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा, कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई मतदाता सूची में सामने आई कथित गड़बड़ी के बाद की गई है। मामले में दर्ज एफआईआर और विभागीय कार्रवाई के संबंध में आगे की स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होगी।
जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच
जिला निर्वाचन अधिकारी को पीलीभीत जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे दो दिनों के भीतर जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपें। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची में संभावित गलतियों, रिकॉर्ड के मेल न खाने और अन्य अनियमितताओं की पड़ताल की जाएगी। जांच का दायरा केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की सूचियों को परखने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन EPIC नंबर खोजने पर सामने आई विसंगति
इस मामले का प्रमुख पहलू विधानसभा क्षेत्र संख्या 127-पीलीभीत की मतदाता सूची से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ मतदाताओं के निर्वाचक फोटो पहचान पत्र यानी EPIC नंबर को ऑनलाइन खोजने पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण दिखाई देने की शिकायत सामने आई। यदि किसी मतदाता के पहचान नंबर से गलत विवरण प्रदर्शित होता है, तो इससे मतदाता रिकॉर्ड की शुद्धता और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, इस मामले में गड़बड़ी की सीमा और उसके कारणों का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
शिकायत के बाद कराई गई जांच
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत से जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में कुछ EPIC नंबर ऑनलाइन खोजने पर दूसरे मतदाता का विवरण दिखाई देने की बात सामने आई। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और VRC ऑपरेटर को तत्काल मतदाता सूची से जुड़े काम से हटाने के निर्देश दिए।
अब जांच रिपोर्ट पर रहेगी नजर
पीलीभीत में सामने आए इस मामले के बाद अब प्रशासनिक जांच और मतदाता सूची के सत्यापन पर ध्यान केंद्रित है। दो दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में कितनी विसंगतियां सामने आती हैं और उनके लिए कौन-से कारण जिम्मेदार पाए जाते हैं। मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, इसलिए रिकॉर्ड की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों और कथित अनियमितताओं को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता; जांच रिपोर्ट के बाद ही विस्तृत स्थिति स्पष्ट होगी।
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