International Border : जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास शनिवार शाम धान के एक खेत में लावारिस ड्रोन मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। संदिग्ध ड्रोन मिलने की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद ड्रोन की बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ड्रोन कहां से आया और खेत तक पहुंचने के पीछे क्या कारण था। सीमा के नजदीक ड्रोन मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से देख रही हैं।
मख्याल गांव में किसान के खेत में मिला ड्रोन
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4 बजकर 40 मिनट पर जम्मू के मख्याल गांव में विजय कुमार के खेत में ड्रोन दिखाई दिया। खेत में संदिग्ध वस्तु देखकर विजय कुमार ने तुरंत कानाचक पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और ड्रोन से संबंधित परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पाकिस्तान से आया या स्थानीय स्तर पर उड़ाया गया ड्रोन?
ड्रोन मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल उसके स्रोत और संचालन को लेकर है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से आया था या उसे किसी स्थानीय व्यक्ति ने संचालित किया था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ड्रोन ने किस दिशा से उड़ान भरी, उसका संभावित मार्ग क्या था और वह खेत में किन परिस्थितियों में मिला। जांच के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आ सकेंगे। अभी किसी संभावित जिम्मेदार व्यक्ति या संगठन के बारे में आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ड्रोन की पहचान और उसकी बरामदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ड्रोन के मॉडल, उसमें किसी संदिग्ध सामग्री की मौजूदगी या उसके तकनीकी विश्लेषण के नतीजों का विवरण नहीं दिया गया है। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि ड्रोन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और क्या उसका किसी संदिग्ध गतिविधि से संबंध था।
पुंछ के मनकोट सेक्टर में संदिग्ध IED बरामद
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भी सुरक्षाबलों ने संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को मनकोट सेक्टर में एक ठिकाने से संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली। टेरिटोरियल आर्मी से प्राप्त सूचना के बाद सेना की राष्ट्रीय राइफल्स ने कसबलारी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया था। इसी अभियान के दौरान यह बरामदगी हुई। सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया था।
बारामूला में दो ओवरग्राउंड वर्कर गिरफ्तार
इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के दो कथित ओवरग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के अनुसार, उनके पास से दो IED, एक पिस्तौल, पिस्तौल के 10 कारतूस और 6,500 रुपये नकद बरामद किए गए थे। ओवरग्राउंड वर्कर उन लोगों को कहा जाता है जिन पर आतंकवादी संगठनों को रसद, जानकारी या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का आरोप होता है। गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ मामले में आगे की जांच की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा घटनाओं पर एजेंसियों की नजर
जम्मू में ड्रोन मिलने, पुंछ में संदिग्ध IED की बरामदगी और बारामूला में गिरफ्तारियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग मामलों की जांच कर रही हैं। हालांकि, इन घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। जांच के दौरान बरामद वस्तुओं की प्रकृति, संदिग्धों की भूमिका और घटनाओं से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल जम्मू के मख्याल गांव में मिले ड्रोन का स्रोत और उसे वहां छोड़े जाने की परिस्थितियां जांच का प्रमुख विषय बनी हुई हैं।
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