Sushant Death Case : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने सितंबर 2026 में इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने यह कदम अदालत के निर्देश के बाद उठाया है। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, FIR में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नीरज सिंह बबलू ने सुशांत की मौत को लेकर किया दावा
CBI जांच शुरू होने के बाद बिहार भाजपा नेता और पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर अपना पुराना दावा दोहराया है। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही सुशांत की मौत के पीछे साजिश की आशंका रही है। बबलू ने दिशा सालियान की मौत को भी इसी घटनाक्रम से जोड़ने का दावा किया। हालांकि, यह उनका राजनीतिक बयान है और इसे जांच एजेंसियों द्वारा स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

भाजपा नेता ने पुराने घटनाक्रम का किया जिक्र
नीरज सिंह बबलू ने कहा कि सुशांत की मौत के बाद वह मुंबई गए थे और उसी समय से मामले की जांच को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक, यदि दिशा सालियान की मौत की जांच उस समय पूरी तरह हो जाती तो कथित तौर पर सुशांत की मौत से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी सामने आ सकती थी। उन्होंने तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

CBI जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई
बबलू ने दावा किया कि बिहार में सुशांत सिंह राजपूत मामले की CBI जांच की मांग को लेकर भी आवाज उठाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सबूतों को नष्ट करने या तथ्यों को छिपाने की कोशिश हुई थी। उन्होंने कहा कि अब दिशा सालियान मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच हो सकेगी। उनके अनुसार, जांच पूरी होने पर यह स्पष्ट हो सकता है कि मामले में वास्तव में क्या हुआ था और कौन-कौन से तथ्य जांच के दायरे में आते हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई CBI जांच
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत ने मुंबई पुलिस द्वारा लंबे समय तक FIR दर्ज नहीं किए जाने पर सवाल उठाए और केंद्रीय एजेंसी को जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। अदालत ने साथ ही स्पष्ट किया कि FIR दर्ज करने का आदेश किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का निष्कर्ष नहीं है। पर्याप्त सामग्री मिलने पर ही किसी व्यक्ति को आरोपी माना जा सकता है।

FIR में गंभीर आरोपों से जुड़ी धाराओं का उल्लेख
CBI द्वारा दर्ज FIR में आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने और अपराधियों को बचाने के लिए गलत रिकॉर्ड तैयार करने जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी ने बयान दर्ज करने और मामले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। इन धाराओं का शामिल होना जांच का हिस्सा है और इससे किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप स्वतः साबित नहीं होते।
8 जून 2020 को हुई थी दिशा सालियान की मौत
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस ने उस समय इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था। इसके करीब एक सप्ताह बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के समय में कम अंतर होने के कारण इनके बीच संभावित संबंध को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं।
अब CBI जांच में सामने आए तथ्यों पर रहेगी नजर
दिशा सालियान मामले में CBI की FIR के बाद जांच का नया चरण शुरू हो गया है। अब एजेंसी घटनास्थल, पुराने रिकॉर्ड, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि दिशा और सुशांत की मौत के बीच कोई आपराधिक संबंध था। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी की आगे की कार्रवाई से ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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