McDonald’s Mumbai : महाराष्ट्र में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कार्रवाई की है। 19 और 20 अगस्त को राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दूध और डेयरी उत्पादों, रेस्टोरेंट की रसोई तथा प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला की जांच की गई। जांच के दौरान कई जगह खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर उल्लंघन सामने आए। इसके बाद कुछ प्रतिष्ठानों के FSSAI लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
मुंबई के कई बड़े प्रतिष्ठान जांच के घेरे में
FDA की टीम ने मुंबई के पॉश इलाकों में स्थित कई चर्चित रेस्टोरेंट, क्लब और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। रिपोर्ट के अनुसार, मैकडॉनल्ड्स के कोलाबा स्थित मेट्रो हाउस आउटलेट के दोबारा निरीक्षण में पहले पाई गई 20 कमियों में से 18 अब भी मौजूद मिलीं। रसोई में जीवित कॉकरोच और स्वच्छता नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर मामले सामने आए।
मैकडॉनल्ड्स की रसोई में मिलीं गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा बिना उचित तरीके से हाथ साफ किए खाद्य सामग्री को छूने की बात सामने आई। इसके अलावा, उत्पाद में वास्तविक सामग्री होने के दावे के बावजूद एनालॉग सॉस के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया। पहले की कमियों को दूर नहीं किए जाने के कारण FDA ने मामले को गंभीरता से लिया और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की।
क्लब और रेस्टोरेंट की रसोई में भी गंदगी
कोलाबा स्थित बॉम्बे प्रेसीडेंसी रेडियो क्लब की रसोई में जीवित मक्खियां और मृत कॉकरोच मिलने की जानकारी सामने आई। खाद्य सामग्री के पास ही वाशिंग पाउडर रखा हुआ पाया गया। वहीं, खार जिमखाना में बर्तन धोने के लिए गर्म पानी की सुविधा नहीं थी। कच्चे और पके भोजन को एक साथ रखने तथा स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करने जैसी कमियां भी सामने आईं।
नोवारा और स्टेटस रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई
नोवारा नामक प्रतिष्ठान में पुराने निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को ठीक नहीं किया गया था। यहां अस्वच्छ बर्तनों के इस्तेमाल की शिकायत भी सामने आई। नरीमन पॉइंट स्थित स्टेटस रेस्टोरेंट में ग्राहक की शिकायत के बाद जांच की गई। निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी साफ बर्तनों के ऊपर मुंह धोता हुआ पाया गया। इससे गंदा पानी सीधे खाद्य बर्तनों पर गिरने का खतरा था।
छत्रपति संभाजीनगर के होटल में भी चौंकाने वाली स्थिति
‘सेफ फूड सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक स्थित गायत्री मेवाड प्राइवेट लिमिटेड होटल की भी जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, रसोई में लंबे समय से इस्तेमाल किए गए तेल की हालत बेहद खराब थी। सब्जियों के लिए रखा पनीर बदबूदार मिला और उस पर एक्सपायरी डेट भी दर्ज नहीं थी। इससे खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।
टॉयलेट के पास काटी जा रही थीं सब्जियां
निरीक्षण के दौरान होटल के टॉयलेट के मुख्य दरवाजे के पास मकड़ी के जालों के बीच सब्जियां काटी जा रही थीं। इसके अलावा उबले हुए नूडल्स बर्तन धोने वाली जगह के पास खुले में रखे मिले। अधिकारियों को आशंका थी कि वहां मौजूद गंदे पानी के छींटे खाद्य सामग्री तक पहुंच सकते हैं। प्याज और अन्य कच्ची सामग्री भी जमीन पर दीवार से सटाकर रखी गई थी।
नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
FDA के मुताबिक, संबंधित होटल को पहले भी खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस दिया गया था और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। लगातार नियमों की अनदेखी को देखते हुए सहायक आयुक्त द. वि. पाटील ने खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 32(3) के तहत होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
गुटखा-पान मसाला कारोबार पर भी कार्रवाई
FDA ने खाद्य सुरक्षा जांच के साथ प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के अवैध कारोबार के खिलाफ भी अभियान चलाया। मुंबई में तीन दुकानों को सील किया गया। कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। छापेमारी में करीब 1.95 लाख रुपये मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला भी जब्त किया गया।
खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सख्ती
FDA की इस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन करने पर जोर दिया है। आने वाले दिनों में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहने की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत की जा सके।
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