Pezeshkian in India: BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान किसी भी तरह की दादागीरी, दबाव या अहंकार के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए ईरान की प्रतिबद्धता
धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और कारोबारी जगत की प्रमुख हस्तियों को संबोधित करते हुए पेजेशकियान ने खाड़ी क्षेत्र में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के देशों को टकराव के बजाय सहयोग और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। ईरानी राष्ट्रपति ने विदेशी ताकतों पर समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी कोशिशों का ईरान मजबूती से मुकाबला करेगा।

‘अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मजबूती से खड़ा है ईरान’
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अत्याचार के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान डराने-धमकाने की नीति से प्रभावित नहीं होगा। अगर उस पर दबाव डाला गया तो वह उसका जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा। पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और दोनों देशों की सेनाओं को ‘असली आतंकवादी’ तक बताया।

स्कूल पर हमले का जिक्र कर अमेरिका पर निशाना
पेजेशकियान ने अपने संबोधन के दौरान दक्षिणी ईरान में एक प्राथमिक स्कूल के पास हुए अमेरिकी हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में 168 बच्चों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल को ईरान से संघर्ष करना है तो उन्हें अस्पतालों, बुनियादी ढांचे और आम लोगों की आजीविका को निशाना बनाने के बजाय सैनिकों का सामना करना चाहिए।
‘आपूर्ति की कमी से ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा’
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और इजरायल को यह गलतफहमी है कि आपूर्ति की कमी और दबाव के कारण ईरान की जनता आत्मसमर्पण कर देगी। उन्होंने इस धारणा को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी जनता किसी भी परिस्थिति में दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की रणनीति की तुलना बिना लगाम के जंगली घोड़े की सवारी से करते हुए इसे खतरनाक बताया।

भारत, चीन और ईरान के साथ मिलकर रहने पर जोर
पेजेशकियान ने अपने संबोधन में वैश्विक शांति और विभिन्न देशों के बीच सह-अस्तित्व की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने ईरानियों, चीनियों, भारतीयों और दुनिया के अन्य लोगों को बनाया है, इसलिए सभी को एक-दूसरे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से रहना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि ईरान अत्याचार के खिलाफ खड़ा रहेगा और पीड़ितों का समर्थन जारी रखेगा।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां हुईं शामिल
पेजेशकियान के इस कार्यक्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक और पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण भी शामिल हुए। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय तनाव, अंतरराष्ट्रीय दबाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
BRICS Summit में शामिल होने भारत पहुंचे पेजेशकियान
मसूद पेजेशकियान शुक्रवार सुबह तीन दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। उनकी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS मंच पर भी ईरान की क्षेत्रीय स्थिति, वैश्विक सहयोग और बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहने की संभावना है।
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