Modi in Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे के दौरान मंगलवार को काशीवासियों को विकास का बड़ा उपहार दिया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 6,350 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण एक विशाल महिला सम्मेलन रहा, जहाँ प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को ‘विकसित भारत’ के मिशन का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। पीएम ने कहा कि काशी का सांसद होने के नाते उन्हें गर्व है कि यह पावन भूमि अब आधुनिक विकास के नए आयाम गढ़ रही है। इस दौरान उन्होंने करोड़ों की योजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया।

महिला आरक्षण पर संकल्प: संसद में बाधा को लेकर सपा-कांग्रेस को घेरा
महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि इन दलों की वजह से संसद में महिला आरक्षण बिल के कुछ प्रावधानों को लागू करने में अड़चनें आईं। पीएम ने बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “मैं आज अपनी मातृ शक्ति से आशीर्वाद लेने आया हूँ। भले ही विपक्ष ने हमारे प्रयासों को सफल नहीं होने दिया, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि महिलाओं के आरक्षण के हक को लागू करने के लिए मैं कोई कसर बाकी नहीं छोड़ूँगा।” उन्होंने नारी शक्ति को राष्ट्र निर्माण की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए काशी की विभिन्न देवियों का स्मरण किया और इस समागम को दिव्य बताया।
बुनियादी ढांचे को मिली गति: 48 परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का चौड़ीकरण प्रमुख है, जिससे यातायात सुगम होगा। इसके अलावा, कज्जाकपुरा और कादीपुर में नवनिर्मित रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन किया गया। स्वच्छता और पर्यावरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की शुरुआत की गई। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल जीवन मिशन के तहत 30 नई पेयजल योजनाएं शुरू की गईं, जिससे हजारों परिवारों को स्वच्छ नल का जल उपलब्ध हो सकेगा।
धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी: नई ट्रेनों और घाटों का कायाकल्प
काशी की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए पीएम ने कई पर्यटन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारंगनाथ मंदिर का सौंदर्यीकरण और संत रविदास पार्क का कायाकल्प शामिल है। कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने दो नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों—बनारस-पुणे और अयोध्या-मुंबई—को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल न केवल तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती देगी। साथ ही, गंगा नदी पर नए रेल-सह-सड़क पुल की आधारशिला रखकर भविष्य के परिवहन मार्ग को प्रशस्त किया गया।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर: 112 नई परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 112 से अधिक नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण वाराणसी में बनने वाला 500 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जो पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनेगा। शिक्षा और खेल क्षेत्र के लिए यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ और तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय में नए अस्पताल भवन का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी के किसानों को 105 करोड़ रुपये का बोनस डिजिटल रूप से ट्रांसफर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल दिया। बुजुर्गों के लिए 100 बिस्तरों वाले वृद्धाश्रम और अमृत 2.0 के तहत जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास भी इसी विजन का हिस्सा है।

















