Breaking

UAE Leaves OPEC 2026 : 60 साल पुराना साथ खत्म, ओपेक से बाहर हुआ UAE; कच्चे तेल के बाजार में भारी उथल-पुथल

UAE Leaves OPEC 2026 :  मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। यूएई ने तेल उत्पादक देशों के सबसे ताकतवर संगठन ‘ओपेक’ (OPEC) और ‘ओपेक प्लस’ (OPEC+) से बाहर होने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। लगभग 60 वर्षों तक इस गठबंधन का हिस्सा रहने के बाद, यूएई ने स्पष्ट किया कि आर्थिक दृष्टिकोण और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में आ रहे बदलावों को देखते हुए अब अलग होना ही उसके हित में है। ओपेक एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय कार्टेल है जो दुनिया भर में तेल की आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उत्पादन नीतियों का समन्वय करता है।

Adst

उत्पादन कोटा पर असंतोष: क्यों टूटा 6 दशक पुराना रिश्ता?

यूएई और ओपेक के बीच मतभेद काफी समय से सतह पर थे। यूएई लगातार ओपेक के भीतर अपने तेल उत्पादन कोटा (Quota) को बढ़ाने की मांग कर रहा था। अमीरात का तर्क था कि उसके पास तेल उत्पादन की जो विशाल क्षमता है, ओपेक द्वारा तय की गई सीमाएं उसे पूरी तरह इस्तेमाल करने से रोक रही हैं। 1960 में सऊदी अरब, ईरान, इराक, वेनेजुएला और कुवैत द्वारा स्थापित इस संगठन में यूएई 1967 में शामिल हुआ था। वर्तमान में यूएई दुनिया के शीर्ष 10 तेल उत्पादकों में शामिल है और वैश्विक उत्पादन में लगभग 3% से 4% का महत्वपूर्ण योगदान देता है। अपनी विस्तारवादी आर्थिक नीतियों के लिए अब उसे ओपेक की बंदिशें रास नहीं आ रही थीं।

सऊदी अरब को बड़ा झटका: ओपेक की शक्ति पर पड़ेगा असर

यूएई का बाहर निकलना संगठन के वास्तविक नेता, सऊदी अरब के लिए एक गहरा आघात माना जा रहा है। ओपेक प्लस समूह सामूहिक रूप से दुनिया के लगभग 36% तेल उत्पादन और 80% तेल भंडार पर नियंत्रण रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई के जाने से ओपेक ने अपनी कुल उत्पादन क्षमता का लगभग 15 फीसदी हिस्सा खो दिया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यूएई संगठन के सबसे अनुशासित सदस्यों में से एक था। अब बाजार प्रबंधन और नियमों के अनुपालन का पूरा बोझ अकेले सऊदी अरब के कंधों पर आ जाएगा। ओपेक में अब अल्जीरिया, नाइजीरिया, कांगो और लीबिया जैसे देश तो बचे हैं, लेकिन यूएई जैसी आर्थिक शक्ति का जाना संगठन को कमजोर कर सकता है।

बाजार में बदलाव: कच्चे तेल की कीमतों पर क्या होगा प्रभाव?

यूएई हर साल लगभग 2.9 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है। संगठन से बाहर होने के बाद अब वह स्वतंत्र रूप से अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है। यदि यूएई वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाता है, तो स्वाभाविक रूप से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, ईरान-इजराइल संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की संवेदनशील स्थिति के कारण कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पश्चिम एशिया में एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव (Geopolitical Reshaping) का संकेत है, जहाँ देश अब सामूहिक हितों के बजाय व्यक्तिगत आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भारत के लिए निहितार्थ: राहत या बढ़ेगी चुनौती?

भारत के लिए यह खबर मिली-जुली साबित हो सकती है। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का एक प्रमुख स्रोत है। अगर यूएई ओपेक की बंदिशों से मुक्त होकर उत्पादन बढ़ाता है, तो भारत को सस्ता तेल मिल सकता है, जिससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ कर सकेगा। भविष्य में अन्य तेल उत्पादक देश भी यूएई की राह पकड़ सकते हैं, जिससे ओपेक का एकाधिकार पूरी तरह समाप्त हो सकता है।

Read More:  Fuel Price Update: क्या चुनाव खत्म होते ही महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? केंद्र सरकार ने अटकलों पर लगाया विराम

Avatar

Thetarget365

Writer & Blogger

All Posts

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • Breaking
  • End Year 2025
  • IPL 2026
  • Take
  • Top News
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • इंटरव्यू
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • नौकरी/ शिक्षा
  • फोटो गैलरी
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • बलोद
    • बलोदाबाजार-भाटापारा
    • बस्तर
    • बेमेतरा
    • बीजापुर
    • बिलासपुर
    • दंतेवाड़ा
    • रायपुर
    • सुकमा
    • सरगुजा
    • रायगढ़
    • नारायणपुर
    • सूरजपुर
    • बलरामपुर
    • जशपुर
    • कोरिया
    • कोरबा
    • धमतरी
    • कांकेर
    • गरियाबंद
    • दुर्ग
    • खैरागढ़
    • जांजगीर-चांपा
    • बलरामपुर-रामानुजगंज
    • कवर्धा
    • GPM
    • राजनांदगांव
    • महासमुंद
    • जगदलपुर
    • सारंगढ़-बिलाईगढ़
    • सक्ती
    •   Back
    • ट्रेंड
    • Thetarget365
    • पशु-पक्षी
    • मौसम
    • सोशल मीडिया
    •   Back
    • तेलंगाना
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • उत्तराखंड
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
    • त्रिपुरा
    • असम
    • अरुणाचल प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • आंध्र प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • ओडिशा
    • मणिपुर
    • केरल
    • कर्नाटक
    • तमिलनाडु
    • जम्मू-कश्मीर
    • झारखंड
    • मेघालय
    • मिजोरम
    • नगालैंड
    • सिक्किम
    •   Back
    • सोशल मीडिया

© 2025 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Designed By Best News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.