Balrampur News : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में नौकरी हासिल करने वाले एक बर्खास्त आरक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर न केवल स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र बनवाया, बल्कि उसी दस्तावेज के जरिए सीआरपीएफ में भर्ती भी हासिल कर ली थी। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी को सीआरपीएफ से बर्खास्त कर बलरामपुर पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल 2026 को तहसीलदार बलरामपुर ने थाना बलरामपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 204 कोबरा बटालियन सीआरपीएफ करनपुर, जगदलपुर में पदस्थ आरक्षक सुमित पिता अचल सिंह ने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर बलरामपुर का स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र बनवाया था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने विशाल सोनी पिता स्वर्गीय सुरेश सोनी के शैक्षणिक एवं अन्य दस्तावेजों में कूट रचना कर अपना नाम दर्ज कराया था।
फर्जी दस्तावेज के आधार पर मिली नौकरी
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने इसी कूटरचित निवास प्रमाण पत्र का उपयोग सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती के दौरान किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना बलरामपुर में अपराध क्रमांक 78/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
बर्खास्तगी के बाद हुई गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान पुलिस टीम 204 कोबरा बटालियन, करनपुर जगदलपुर पहुंची, जहां से आरोपी आरक्षक को विधिवत बर्खास्त किए जाने के बाद अभिरक्षा में लिया गया। थाना बलरामपुर लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी तरीके से बलरामपुर का निवास प्रमाण पत्र बनवाकर सीआरपीएफ में भर्ती प्राप्त की थी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी।

















