Surguja Police Robbery: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में स्थानीय पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। अम्बिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक के साथ हुई डकैती की वारदात को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर इन आरोपियों को दबोचा।

शादी समारोह से लौट रहे ऑटो चालक को बनाया निशाना
इस वारदात का शिकार धर्मेंद्र यादव नामक व्यक्ति हुआ, जो सूरजपुर जिले के जयनगर थाना अंतर्गत कल्याणपुर का निवासी है। घटनाक्रम के अनुसार, 12 मई 2026 की रात करीब 12:00 बजे धर्मेंद्र कोलडीहा में आयोजित एक शादी समारोह से अपना ऑटो लेकर घर लौट रहा था। देर रात करीब 12:40 बजे जब वह ग्राम घंधरी गेरवानी नाला के पास पहुंचा, तभी पीछे से आए 6 पल्सर मोटरसाइकिलों पर सवार करीब 10 से 12 लड़कों ने उसका रास्ता रोक लिया। डकैतों ने ऑटो के सामने अपनी गाड़ियां अड़ा दीं और धर्मेंद्र को बंधक बना लिया।
बंदूक की नोक पर दी जान से मारने की धमकी और की लूटपाट
अंधेरे का फायदा उठाकर आए इन बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने धर्मेंद्र के रुकते ही अपनी जेब से गन (पिस्तौल) निकाल ली। पीड़ित को जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उससे कीमती ‘एकवा’ कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया। लूट की इस वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी तेजी से सकालो की ओर भाग निकले। पीड़ित ने किसी तरह मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
शिकायत मिलने के तुरंत बाद, 13 मई 2026 को थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 310(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल अम्बिकापुर की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने प्रतापपुर-अम्बिकापुर मार्ग पर स्थित दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और घटना स्थल के आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की।
सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
बारीकी से जांच करने पर पुलिस को कुछ संदिग्ध लड़के मोटरसाइकिलों पर भागते हुए दिखाई दिए। हुलिए के मिलान और तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपियों की पहचान वैभव मिश्रा और लवकुश कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी और राजा गैस गोदाम के पास से दोनों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों में वैभव मिश्रा (20 वर्ष) और लवकुश कुमार (24 वर्ष) शामिल हैं, जो मूलतः उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी हैं। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस टीम का सराहनीय प्रयास: न्यायलय ने भेजा जेल
इस सफल ऑपरेशन में दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो, गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी और साइबर सेल प्रभारी के साथ सहायक उप निरीक्षक अजीत कुमार मिश्रा, भोजराज पासवान और विकास सिन्हा सहित अन्य आरक्षकों की प्रमुख भूमिका रही। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है, जो उस रात वारदात में शामिल थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
Read More : Surguja Police : पेट्रोल पंप कर्मी से लूट करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, सरगुजा पुलिस की बड़ी सफलता

















