Cyclone Arnab : बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के गहरे दबाव और फिर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने का दावा किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है। हालांकि, तूफान की आधिकारिक स्थिति और नाम की पुष्टि मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन से करना जरूरी है।

आधी रात के बाद लैंडफॉल की आशंका
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तूफान के आंध्र प्रदेश तट पर रात दो बजे से सुबह चार बजे के बीच पहुंचने की संभावना जताई गई थी। संभावित प्रभावित क्षेत्र में बापटला, विशाखापत्तनम और आसपास के तटीय इलाके बताए गए हैं। इस दौरान तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। ऐसी परिस्थितियों में समुद्र के नजदीक रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत है।

अगले 24 से 48 घंटे अहम
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन के हवाले से बताया गया कि तूफान की बाहरी परतें तट के नजदीक पहुंचने लगी थीं। रिपोर्ट में शाम 8:30 बजे तक तूफान का केंद्र विशाखापत्तनम से 170 किलोमीटर, काकीनाडा से 90 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 170 किलोमीटर और बापटला से 240 किलोमीटर दूर बताया गया। इन दूरियों और तूफान की गति की पुष्टि ताजा आधिकारिक अपडेट से की जानी चाहिए।
53 ट्रेनें रद्द, जिलों को राहत राशि
रिपोर्ट के अनुसार, संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेन सेवाएं रद्द किए जाने की जानकारी भी दी गई है। विशाखापत्तनम, काकीनाडा और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद रखने की बात कही गई है। प्रशासन ने निगरानी के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने की जानकारी दी।
काकीनाडा में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
काकीनाडा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वाकलापुडी गांव के पुनर्वास केंद्र में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। राहत केंद्रों में भोजन, पानी और ठहरने की व्यवस्था किए जाने का दावा है। तेज हवाओं और बारिश की स्थिति में लोगों को समुद्र तटों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

ओडिशा में राहत और बचाव दल तैनात
ओडिशा में भी प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां तेज करने की जानकारी दी है। राज्य मंत्री बिभूति भूषण जेना के अनुसार, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तैयार रखा गया था तथा चक्रवात आश्रय केंद्रों में लोगों को पहुंचाने की योजना बनाई गई। गजपति जिले में पेड़ गिरने और गंजाम के गोपालपुर क्षेत्र में तेज हवाओं व बारिश की खबर भी रिपोर्ट में शामिल है।
गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित पहुंचाने का दावा
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के हवाले से बताया गया कि ODRAF, NDRF और अग्निशमन दलों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 200 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और राहत केंद्रों में चिकित्सा दल उपलब्ध कराए गए। लोगों को अफवाहों से बचने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
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