West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय एक बड़ी हलचल मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और पूर्व राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा सौंप दिया। ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले मल्लिक ने शुक्रवार को अपने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि वे लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस स्थिति में पार्टी की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए उन्होंने नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उनके इस निर्णय ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

संगठनात्मक फेरबदल के कुछ ही दिनों बाद आया इस्तीफा
मल्लिक का यह कदम तृणमूल कांग्रेस द्वारा अपने संगठन में किए गए एक महत्वपूर्ण फेरबदल के कुछ दिनों बाद सामने आया है। पार्टी की नवनिर्मित कार्यसमिति (वर्किंग कमिटी) में ज्योतिप्रिय मल्लिक को शामिल किया गया था, जिसे पार्टी में उनकी निरंतर अहमियत के तौर पर देखा गया था। हालांकि, समिति में शामिल किए जाने के कुछ ही समय बाद उनके इस्तीफे ने सबको चौंका दिया है। ज्योतिप्रिय मल्लिक 2011 से 2021 तक पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्व रहे हैं। उनका इस्तीफा पार्टी के भीतर चल रहे समीकरणों और उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

राशन घोटाला और कानूनी चुनौतियों के बीच राजनीतिक करियर
ज्योतिप्रिय मल्लिक के राजनीतिक सफर पर उस समय बड़ा ग्रहण लग गया था, जब अक्टूबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया था। हिरासत में रहने के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए कई बार अदालतों से राहत की मांग की थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। कई मौकों पर उनकी मेडिकल जांच की गई, जिसमें उनकी गंभीर शारीरिक स्थिति की पुष्टि हुई। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब वे कानूनी चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं, जो उनके लंबे राजनीतिक करियर का एक अत्यंत कठिन दौर है।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं पूर्व मंत्री: इस्तीफे की असली वजह
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्योतिप्रिय मल्लिक ने पार्टी नेतृत्व को लिखे अपने पत्र में अपनी चिकित्सा स्थिति का विस्तार से विवरण दिया है। उन्होंने बताया है कि उनका ब्लड शुगर लेवल 350 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है और वे किडनी से संबंधित जटिल बीमारियों से ग्रस्त हैं। इन गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं के कारण उनके लिए पार्टी के दैनिक कार्यों और सांगठनिक दायित्वों को पूरा करना संभव नहीं रह गया है। ममता बनर्जी के संघर्ष के दिनों से उनके साथ जुड़े रहे मल्लिक का पार्टी छोड़ना तृणमूल कांग्रेस के लिए एक भावनात्मक क्षण भी है। उनकी अनुपस्थिति पार्टी के सांगठनिक ढांचे में एक बड़ा शून्य पैदा कर सकती है, जिसकी भरपाई करना नेतृत्व के लिए एक चुनौती होगी।
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