Neha Bora News : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा इन दिनों दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में हैं। उनके खिलाफ शांति बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत मुचलका भरने से संबंधित कार्यवाही चल रही है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को निर्धारित थी।

दिल्ली में प्रदर्शन के बाद हिरासत में ली गई थीं नेहा
नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों के बीच आयोजित गतिविधियों से संबंधित था। अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके बाद पुलिस की ओर से उन्हें SEM के समक्ष पेश होकर जवाब देने का नोटिस दिया गया।

दस हजार रुपये के मुचलके से जुड़ा है मामला
17 अक्टूबर को जारी नोटिस में नेहा बोरा से कथित तौर पर शांति भंग होने की आशंका के आधार पर 10,000 रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और एक जमानतदार देने के संबंध में जवाब मांगा गया था। यह कार्यवाही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत शुरू की गई। पुलिस के आरोपों और नोटिस की वैधता को लेकर मामला बाद में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा।
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका खारिज
नेहा बोरा ने SEM के नोटिस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने नोटिस को अस्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए दावा किया कि शांतिपूर्ण विरोध के कारण उनके खिलाफ निवारक कार्रवाई की जा रही है। 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने से जुड़े निर्देश दिए।
SEM कोर्ट ने उपलब्ध कराए दस्तावेज
24 अक्टूबर को नेहा बोरा विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुईं। सुनवाई के दौरान उनके वकील को पुलिस की ओर से भरोसा किए गए दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। बचाव पक्ष को इन दस्तावेजों का अध्ययन कर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, अगली सुनवाई की तारीख 29 अक्टूबर बताई गई थी।

नेहा बोरा ने मुचलका भरने पर उठाए सवाल
नेहा बोरा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह मुचलका भरने के निर्देश का विरोध करेंगी। उनका आरोप है कि ऐसी निवारक कार्यवाही का इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध को सीमित करने के लिए किया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका का हवाला देते हुए कार्रवाई का पक्ष रखा है। ये दोनों पक्षों के दावे हैं; मामले में आगे की कार्यवाही से कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
अब आगे की सुनवाई पर टिकी निगाहें
नेहा बोरा से जुड़े मामले में अब उनके जवाब और SEM की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने और पक्ष रखने का अवसर देने का मुद्दा भी कार्यवाही का हिस्सा है। अगली सुनवाई की तारीख या आदेश में किसी बदलाव की जानकारी प्रकाशित करने से पहले संबंधित अदालत अथवा विश्वसनीय समाचार स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है।

