CG Crop Loss Compensation : बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। राजधानी रायपुर सहित विभिन्न इलाकों में मौसम खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कई क्षेत्रों में हजारों एकड़ में लगी फसल प्रभावित होने की बात कही जा रही है। ऐसे में किसानों की नजर अब राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली राहत पर टिकी है।

बस्तर से कोंडागांव और गरियाबंद होते हुए रायपुर की ओर बढ़ने का अनुमान
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब ने सुबह बस्तर क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके कोंडागांव और गरियाबंद होते हुए रायपुर की ओर बढ़ने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आगे बढ़ने के साथ तूफान की तीव्रता कम हो सकती है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कई क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई है। कुछ जिलों में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी भी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अब तक प्रदेश में किसी बड़ी तबाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बारिश थमने के बाद सरकार कराएगी फसल नुकसान का सर्वे
चक्रवात के कारण धान की फसल को हुए नुकसान को लेकर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का बयान सामने आया है। मंत्री ने कहा है कि बारिश रुकने के बाद राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे कराएगी। सर्वे के दौरान नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इससे प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय होगी मुआवजे की प्रक्रिया
राजस्व मंत्री के अनुसार, जिन किसानों की फसल बारिश और तेज हवाओं के कारण खराब हुई है, उनके नुकसान का आकलन कराया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, मुआवजे की राशि, पात्रता और भुगतान की समयसीमा को लेकर अंतिम जानकारी सर्वे तथा सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रभावित किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में हुए नुकसान का विवरण सुरक्षित रखें और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
फसल बीमा कराने वाले किसानों को भी मिल सकता है लाभ
मंत्री टंकराम वर्मा ने यह भी बताया कि फसल बीमा कराने वाले किसान बीमा योजना के नियमों के तहत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। खाद-बीज की खरीदी से जुड़ी बीमा व्यवस्था के अंतर्गत पात्रता की जानकारी लेकर किसान संभावित लाभ के बारे में पता कर सकते हैं। किसानों को सलाह है कि वे अपनी बीमा पॉलिसी, खरीदी की रसीद और संबंधित दस्तावेज संभालकर रखें तथा बीमा कंपनी या संबंधित विभाग से संपर्क करें।

किसानों को पकी फसल सुरक्षित रखने की सलाह
कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को पक चुकी धान, मक्का और तिलहन की फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए ढककर रखें। खेतों में जलभराव रोकने के लिए निकासी की उचित व्यवस्था करें। विभाग ने मौसम साफ होने तक गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई टालने की सलाह भी दी है। किसानों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने और नुकसान से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की गई है।
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