Sakti Crime News : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से महिला हत्याकांड का मामला सामने आया है। जिले के हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कैथा में हुई हत्या के आरोपी को पुलिस ने छह दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान गांव के ही रंजीत धनुहार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, महिला की हत्या करने के बाद आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। वह पिछले कई दिनों से जंगल में छिपकर रह रहा था। आखिरकार मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

बिलाईगढ़ क्षेत्र के जंगल में छिपा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 की रात रंजीत धनुहार ने ग्राम कैथा में लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा के साथ मारपीट की थी। इस घटना में महिला की मौत हो गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव से फरार हो गया और बिलाईगढ़ क्षेत्र के जंगल में जाकर छिप गया। हसौद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्राम खुर्सुला-बल्किपाली के पास थाना बिलाईगढ़ क्षेत्र के जंगल में मौजूद है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
आरोपी के जंगल में छिपे होने की जानकारी मिलते ही हसौद पुलिस की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। पुलिसकर्मी रात में ही बताए गए स्थान पर पहुंचे और जंगल के आसपास घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस ने संभावित रास्तों पर निगरानी रखते हुए तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान टीम ने रंजीत धनुहार को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे हसौद थाना लाया गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
खेत में मिला था लक्ष्मीन बाई का शव
इस हत्याकांड का खुलासा 23 अक्टूबर 2026 को हुआ था। ग्राम कैथा निवासी अनिल विश्वकर्मा ने हसौद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बुआ लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा का शव गांव के रामलाल कश्यप के खेत में पड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सात बजे मृतका की दो नाबालिग पोतियों ने खेत में शव देखा था। इसके बाद उन्होंने परिजनों को इसकी सूचना दी। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
गाली-गलौज को लेकर हुआ था विवाद
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 22 अक्टूबर की रात गांव के ही रंजीत धनुहार और लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा के बीच विवाद हुआ था। बताया गया कि गाली-गलौज की बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर रंजीत ने महिला के साथ हाथ-मुक्कों और आग जलाने वाली लकड़ी से मारपीट की। गंभीर चोटों के कारण लक्ष्मीन बाई की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

छह दिनों तक पुलिस करती रही तलाश
महिला का शव मिलने के बाद हसौद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। आरोपी के फरार रहने के कारण पुलिस आसपास के इलाकों में भी उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच जंगल में छिपे होने की सूचना ने पुलिस को अहम सुराग दिया। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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