QUAD Meeting : भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को अमेरिका के अटलांटा में आयोजित क्वाड (QUAD) देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के प्रतिनिधियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य चारों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और प्रभावी बनाना तथा क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करना रहा।

चीन की आर्थिक नीतियों और निर्यात प्रतिबंधों पर चिंता
बैठक के दौरान क्वाड देशों ने चीन की ओर संकेत करते हुए आर्थिक दबाव बनाने और मनमाने तरीके से निर्यात प्रतिबंध लगाने जैसी रणनीतियों पर गंभीर चिंता जताई। चारों देशों ने माना कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं। इसके साथ ही खुले, पारदर्शी और भरोसेमंद व्यापारिक माहौल को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। क्वाड देशों का मानना है कि किसी भी देश को आर्थिक निर्भरता का इस्तेमाल दूसरे देशों पर दबाव बनाने के लिए नहीं करना चाहिए।

होर्मुज और लाल सागर में समुद्री सुरक्षा पर जोर
क्वाड बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलावा महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। देशों ने होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इन समुद्री रास्तों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है।
नेपाल में बाढ़ के दौरान भारत की मदद की सराहना
बैठक में भारत की क्षेत्रीय सहयोग और मानवीय सहायता से जुड़ी भूमिका की भी प्रशंसा की गई। क्वाड देशों ने नेपाल में आई बाढ़ के दौरान सबसे पहले राहत पहुंचाने वाले देशों में भारत के योगदान को सराहा। इसे क्षेत्रीय संकट के समय भारत की त्वरित प्रतिक्रिया और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता के रूप में देखा गया। भारत लगातार आपदा प्रबंधन, राहत अभियान और मानवीय सहायता के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
जयशंकर ने रुबियो समेत अन्य विदेश मंत्रियों से की मुलाकात
बैठक के दौरान एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। इसके अलावा उन्होंने जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से भी मुलाकात की। इन बैठकों में आपसी संबंधों, रणनीतिक सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े साझा हितों पर विचार-विमर्श हुआ।

मार्को रुबियो ने बताया QUAD का अगला एजेंडा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि अटलांटा में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मुलाकात करके उन्हें खुशी हुई। उनके मुताबिक, चारों देश भरोसेमंद और खुली सप्लाई चेन विकसित करने, अगली पीढ़ी की तकनीकों को बढ़ावा देने, समुद्री सहयोग मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।रुबियो ने यह भी कहा कि भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लोगों के लिए ठोस परिणाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस बैठक से साफ संकेत मिला कि क्वाड देश आर्थिक सुरक्षा, तकनीकी विकास और समुद्री स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


