CEC Public Impeachment : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रतीकात्मक जन-महाभियोग कार्यक्रम में राहुल गांधी ने जोरदार भाषण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के माध्यम से बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी करने वाले लोग बच नहीं पाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को जनता के मूड को समझने की चेतावनी भी दी।

CEC पद पर ज्ञानेश कुमार के बने रहने पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद पर नहीं टिक पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और वह इस पद पर बने नहीं रहेंगे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यदि भाजपा को जानकारी दिए जाने के बावजूद ज्ञानेश कुमार को पद पर बनाए रखने की कोशिश करती है, तो इससे भाजपा की भूमिका को लेकर सवाल और गहरे होंगे।

भारत की आत्मा पर हमला करने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके कथित कृत्य भारत की आत्मा पर हमला हैं और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग सहित देश के कई संस्थानों पर कब्जा कर लिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के लोग, सांसद और युवा इस मुद्दे को न भूलेंगे और न माफ करेंगे।
मोदी और शाह का नाम लेकर दी चेतावनी
राहुल गांधी ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार को लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें बचा लेंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर जनता की आवाज उठाएगा। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाने की लड़ाई जारी रखेगा।
मतदाता सूची से 13.3 करोड़ नाम हटाने का दावा
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उनके अनुसार, यह संख्या देश के कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि हर सात भारतीयों में से करीब एक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है।

2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार हटाए गए मतदाताओं ने मतदान नहीं किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, तो 2024 के लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठने चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव को अवैध बताने संबंधी ये दावे राहुल गांधी के बयान हैं।
संस्थानों के रास्ते बंद होने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने कार्यक्रम की शुरुआत में सवाल किया कि विपक्ष को जन-महाभियोग जैसा कार्यक्रम खुले स्थान पर क्यों आयोजित करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए सभी संस्थागत रास्ते बंद हो गए हैं और इसी वजह से सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखनी पड़ रही है। उन्होंने इसे देश के राजनीतिक इतिहास की असाधारण स्थिति बताया।
खरगे ने की मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नागरिकों का वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में है। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
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