Manipur Protest : मणिपुर में जातीय तनाव के बीच एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों ने जोर पकड़ लिया है। राज्य की राजधानी इंफाल में रविवार को हजारों लोगों ने रैली निकालकर सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने उग्रवादी संगठनों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को रद्द करने और हिंसा के कारण अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की।

इस रैली का आयोजन मणिपुर इंटीग्रिटी पर समन्वय समिति (COCOMI) की ओर से किया गया था। इसमें पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के विभिन्न समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने राज्य की मूल आबादी की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाए।

SoO समझौते को लेकर संगठनों में नाराजगी
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में उग्रवादी संगठनों के साथ हुए SoO समझौते को समाप्त करना शामिल रहा। उनका कहना था कि राज्य में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस समझौते की समीक्षा जरूरी है। रैली के दौरान लोगों ने विस्थापित परिवारों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने और सामान्य जनजीवन बहाल करने पर भी जोर दिया।
इस विरोध प्रदर्शन को कई नगा संगठनों का भी समर्थन मिला। उनके समर्थन में नागरिक संगठनों ने चंदेल और सेनापति जिलों में मार्च निकाले। नगा संगठनों ने भी SoO समझौते को खत्म करने की मांग दोहराई। उन्होंने कुकी-जो उग्रवादी समूहों पर हिंसा में शामिल होने के आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप संबंधित संगठनों के दावे हैं।
मई 2023 से जारी हिंसा में 306 लोगों की मौत
मणिपुर में जातीय संघर्ष मई 2023 में शुरू हुआ था। यह संघर्ष मुख्य रूप से घाटी में रहने वाले मैतेई समुदाय और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच है। लंबे समय से जारी इस हिंसा ने राज्य की सामाजिक और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर और इलाके छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। विस्थापित परिवारों की वापसी और पुनर्वास का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
#WATCH | Manipur | People in large numbers participated in the rally organised by the Coordinating Committee on Manipur Integrity (COCOMI) in Imphal
Representatives from different communities, including people from both the hills and the valley, marched and raised slogans… pic.twitter.com/XdjEvnOl7L
— ANI (@ANI) October 31, 2026
कुकी और नगा समूहों के बीच झड़पों में भी मौतें
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस साल फरवरी से कुकी और नगा समूहों के बीच हुई झड़पों में भी करीब 50 लोगों की जान गई है। इससे राज्य में अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव और गहरा हुआ है। विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
14 मैतेई युवकों पर हमले के बाद विरोध तेज
हाल ही में कथित तौर पर उग्रवादियों ने 14 मैतेई पुरुषों पर घात लगाकर हमला किया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। हमले की खबर सामने आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इसी घटनाक्रम के बीच इंफाल सहित अन्य जिलों में रैलियां आयोजित की गईं।प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, मूल निवासियों की रक्षा करने और हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। मौजूदा हालात में SoO समझौते को लेकर विरोध और विभिन्न समुदायों के बीच जारी तनाव ने मणिपुर की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है।
मणिपुर में आगे क्या होगा?
राज्य में शांति बहाली के प्रयासों के बीच प्रदर्शनकारियों की मांगों ने एक बार फिर सुरक्षा और राजनीतिक समाधान से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार SoO समझौते को लेकर उठ रही मांगों और विस्थापित परिवारों की वापसी के मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।


