GST Collection : देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के अक्टूबर महीने में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में देश का सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में यह उल्लेखनीय वृद्धि घरेलू बाजार में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और आयात से मिलने वाले राजस्व में तेजी को दर्शाती है।
घरेलू बिक्री से मिला 1.59 लाख करोड़ रुपये से अधिक राजस्व
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में घरेलू बिक्री से प्राप्त जीएसटी राजस्व में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान घरेलू कारोबार से 1.59 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी बढ़ने और उपभोक्ताओं की मांग मजबूत होने से घरेलू बिक्री को फायदा मिला है।

त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, कपड़े, घरेलू सामान और अन्य उत्पादों की खरीदारी में तेजी आने से कारोबार में बढ़ोतरी हुई। इसका सकारात्मक असर जीएसटी संग्रह पर भी दिखाई दिया। घरेलू बाजार में मांग का मजबूत बने रहना अर्थव्यवस्था के लिए उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।

आयात से होने वाली कमाई में 42 प्रतिशत की छलांग
अक्टूबर के जीएसटी आंकड़ों में आयात से प्राप्त राजस्व ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विदेशी आयात से मिलने वाला जीएसटी राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 42 प्रतिशत बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आयात से मिलने वाले कर में इतनी बड़ी वृद्धि ने कुल जीएसटी संग्रह को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
घरेलू बिक्री और आयात दोनों क्षेत्रों में राजस्व बढ़ने से सरकार के कुल कर संग्रह में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है।

CGST, SGST और IGST का कितना रहा योगदान?
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, अक्टूबर के कुल जीएसटी संग्रह में अलग-अलग कर श्रेणियों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय जीएसटी (CGST) से 42,935 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी (SGST) से 51,340 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
वहीं, एकीकृत जीएसटी (IGST) का संग्रह 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इस तरह विभिन्न श्रेणियों से मिले राजस्व ने अक्टूबर के कुल जीएसटी संग्रह को 2.31 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचाने में योगदान दिया।
रिफंड बढ़ने के बाद भी शुद्ध जीएसटी संग्रह मजबूत
अक्टूबर महीने में कारोबारियों को जारी किए गए जीएसटी रिफंड में भी बढ़ोतरी हुई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल रिफंड सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, रिफंड के समायोजन के बाद भी सरकार का शुद्ध जीएसटी संग्रह 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया।
अप्रैल से अक्टूबर तक 14.77 लाख करोड़ का सकल संग्रह
चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अक्टूबर तक के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कुल सकल जीएसटी संग्रह 13.2 प्रतिशत बढ़कर 14.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसी अवधि में रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह भी 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12.69 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व के लिए सकारात्मक संकेत
अक्टूबर के आंकड़े घरेलू खपत, व्यापारिक गतिविधियों और कर संग्रह में मजबूती का संकेत देते हैं। त्योहारी मांग, आयात से बढ़ी कमाई और बेहतर कर अनुपालन ने राजस्व को सहारा दिया है। हालांकि, इन आंकड़ों से आर्थिक गतिविधियों की पूरी तस्वीर समझने के लिए अन्य आर्थिक संकेतकों पर भी नजर रखना जरूरी होगा।


