Akhilesh Yadav Attack on BJP : दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की ‘देश बचाओ महारैली’ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। अखिलेश ने कहा कि रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब और लोगों का समर्थन लोकतंत्र के प्रति जनता की भावना को दिखाता है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना महाभारत से करते हुए कहा कि आज रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दी घाटी बन गया है।
शकुनि और पासे का उदाहरण देकर चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने महाभारत के शकुनि का उदाहरण देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाभारत में शकुनि ने पासे फेंककर धोखा देने का काम किया था। अखिलेश ने इस उदाहरण के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होने चाहिए तथा मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग दोहराई।

बंगाल चुनाव का जिक्र कर भाजपा पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल के चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां चुनाव से पहले बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और एफआईआर दर्ज कराकर मतदाताओं के नाम कटवाए गए। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव से जुड़ी तस्वीरें और घटनाक्रम लोगों को याद हैं। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक संबोधन में लगाए हैं।

‘हम INDIA गठबंधन के लोग हार मानने वाले नहीं’
सपा अध्यक्ष ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता इस लड़ाई में हार मानने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं को सामने लाने का प्रयास किया है। अखिलेश ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और PDA प्रहरियों ने बूथ स्तर पर मतदाताओं के नाम तलाशने का काम किया था।
उन्होंने दावा किया कि कई ऐसे मतदाता थे जिन्होंने 2019 के चुनाव में मतदान किया था, लेकिन 2022 में वे वोट नहीं डाल सके। अखिलेश के अनुसार, समाजवादी पार्टी ने इस संबंध में शपथपत्र देकर चुनाव आयोग को शिकायतें भी दी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

बनारस में डबल जीरो सीट का जिक्र कर डबल इंजन सरकार पर तंज
अखिलेश यादव ने भाजपा के डबल इंजन सरकार के नारे पर भी कटाक्ष किया। अपने भाषण में उन्होंने हालिया एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए बनारस के नतीजों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बनारस में भाजपा को डबल जीरो सीट मिलने के बाद डबल इंजन सरकार के दावे पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता चुनाव में राजनीतिक दलों को उनके कामकाज के आधार पर जवाब देती है।
‘यूपी में स्वागत टेढ़ा, लेकिन विदाई अच्छी होती है’
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश से आए थे, वे अब राज्य से बाहर जाएंगे। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश का इतिहास गवाह है कि यहां स्वागत भले ही टेढ़ा होता हो, लेकिन विदाई अच्छी होती है।रामलीला मैदान की इस महारैली में अखिलेश यादव का पूरा संबोधन चुनाव आयोग, मतदाता सूची, कथित चुनावी अनियमितताओं और भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर केंद्रित रहा। उनके बयानों ने INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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