CG Teacher Suspension : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच के बीच शिक्षा विभाग ने एक सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने 29 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। निलंबित शिक्षक की पहचान अजय कुमार राजवाड़े के रूप में हुई है। वह लखनपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला पोतका में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। विभागीय जांच में उनकी नियुक्ति के समय प्रस्तुत शैक्षणिक योग्यता और अन्य प्रमाण-पत्रों की सत्यता को लेकर सवाल सामने आए हैं।
वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर हुई थी नियुक्ति
विभागीय आदेश के अनुसार, अजय कुमार राजवाड़े की नियुक्ति वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर हुई थी। नियुक्ति के दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में शैक्षणिक योग्यता और खेलकूद से संबंधित प्रमाण-पत्र शामिल बताए गए हैं। बाद में इन अभिलेखों की वास्तविकता और निर्धारित पद के लिए आवश्यक पात्रता को लेकर विभाग ने जांच शुरू की। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 8 सितंबर 2026 को शिक्षक को आरोप-पत्र जारी किया गया था। इसके माध्यम से उनसे संबंधित दस्तावेजों और योग्यता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया।

जवाब में शिक्षक ने डीएड उत्तीर्ण नहीं होने की बात कही
विभागीय जांच के दौरान अजय कुमार राजवाड़े ने 6 अक्टूबर 2026 को अपना प्रतिरक्षा कथन प्रस्तुत किया। आदेश में दर्ज जानकारी के मुताबिक, शिक्षक ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि उन्होंने डीएड यानी डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। उन्होंने डीएड और खेलकूद से संबंधित प्रमाण-पत्र जमा नहीं करने की बात भी कही। उनके इस जवाब के बाद नियुक्ति के समय प्रस्तुत अभिलेखों और निर्धारित शैक्षणिक पात्रता की जांच का विषय और महत्वपूर्ण हो गया।

नियुक्ति के समय डीएड योग्यता अनिवार्य थी या नहीं, होगी जांच
शिक्षक के जवाब के बाद विभाग अब नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण कर रहा है। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि वर्ष 2007 में संबंधित पद के लिए डीएड की योग्यता अनिवार्य थी या नहीं। इसके साथ ही चयन प्रक्रिया में खेलकूद प्रमाण-पत्र की भूमिका और नियुक्ति के समय प्रस्तुत अन्य अभिलेखों की भी जांच की जाएगी। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही इन सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन
जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता और विभागीय जांच की आवश्यकता को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) का उल्लेख किया गया है। इसी प्रावधान के तहत अजय कुमार राजवाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन की कार्रवाई विभागीय जांच लंबित रहने तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान नियुक्ति संबंधी अभिलेखों और शैक्षणिक योग्यता की जांच जारी रहेगी।

निलंबन अवधि में सीतापुर BEO कार्यालय होगा मुख्यालय
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान अजय कुमार राजवाड़े का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सीतापुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य अनुमन्य सुविधाएं मिलेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश 29 अक्टूबर 2026 से प्रभावशील किया गया है। फिलहाल पूरा मामला विभागीय जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद ही नियुक्ति के समय प्रस्तुत दस्तावेजों, शैक्षणिक योग्यता और पात्रता को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
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